फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: जीने की जद्दोजहद में नदी किनारे छोड़े गए नन्हे चूजे

विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ पक्षी प्रेमी इन चूजों को दाना चुगाने पहुंच रहे हैं नदी किनारे
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अभी तो नन्हे चूजों को पंख पसारना भी नहीं आता, पीपल वाला आशियाना छिन गया और पालनहार भी नहीं बचे। वन विभाग ने रेस्क्यू करके पहूज नदी के पास छोड़ दिया है। ये नन्हे परिंदे आसपास के खतरों से अनजान जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। कुछ रहमदिल लोग और बच्चे इन्हें दाना चुगाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें अब अपने दम पर ही जिंदा रहना सीखना होगा।
नगरा में हरे-भरे पीपल के पेड़ को काटे जाने के बाद वन विभाग ने करीब 200 पक्षियों को रेस्क्यू किया था। इनमें ज्यादातर पंछियों के चूजे हैं। इनमें से तमाम के पंख भी विकसित नहीं हुए हैं, वह उड़ नहीं सकते। नन्हे चूजे नदी किनारे के किसी पेड़ की शाखाओं तक नहीं पहुंच सकते हैं। ऐसे में नदी किनारे घाट पर ही इधर-उधर घूम रहे हैं, वह आसपास सांप, कुत्ते, बिल्ली के खतरों से अनजान हैं। कभी भी शिकार बन सकते हैं। ऐसे में कुछ पशु प्रेमियों ने उन्हें बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। रक्सा के रहने वाले दूध विक्रेता अनिल यादव, बालक आशू सहित कुछ लोग इन पक्षियों को दाना चुगाने पहुंच रहे हैं। अनिल बताते हैं कि वन विभाग को ऐसे ही नहीं छोड़ देना चाहिए था। सीपरी के सुरेश कुमार ने इन पक्षियों को संरक्षण के लिए पेड़ के आसपास छोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन



वन विभाग ने पेड़ की लकड़ी सुपुर्दगी में ली
बगैर अनुमति पीपल का पेड़ काटने और पक्षियों की मौत के मामले में वन विभाग ने आरोपियों पर कार्रवाई के बाद पे़ड़ की लकड़ी को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। वन रक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि नगर निगम को पेड़ निजी या उनकी दायरे में होने की जानकारी के लिए पत्र लिखा है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। तब तक उन्होंने पेड़ की लकड़ी को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें