दो महीने में खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूने की जांच रिपोर्ट में खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। खाद्य विभाग की ओर से पिछले दो महीने में लिए गए नमूनों की जांच में नामचीन दुकानों में भी मिलावट बेनकाब हुई है। मावा, बर्फी, पनीर, ग्रेवी, रंगीन कचरी से लेकर मिर्च पाउडर तक के सैंपल लैब की जांच में फेल हो गए हैं। अब लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
जिला अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि सदर बाजार स्थित अवध बिरयानी से लिए गए लाल मिर्च पाउडर का नमूना, नंदनपुरा के प्रभुनाथ स्टोर से लिया गया रंगीन कचरी का सैंपल और रक्सा टोल पर दयाराम पाल के प्रतिष्ठान से लिया गया पनीर का नमूना भी जांच में असुरक्षित मिला है। इन सभी मामलों का मुकदमा एसीजेएम कोर्ट में दर्ज कराया जा रहा है। वहीं, रक्सा टोल पर रमाकांत के यहां से लिया पनीर का सैंपल अधोमानक पाए जाने पर एओ/एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उधर, इलाइट चौराहा पर वंदना स्वीट्स से खाद्य विभाग की टीम ने मावा, छेना अंगूरदाना का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा था। साथ ही केसर बर्फी में भी लैब की जांच में अधोमानक पाए जाने पर एओ/एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया जा रहा है। वहीं, होटल रिजेंटा रेस्टोरेंट से लिए गए सैंपल पनीर, ग्रेवी और मावा के नमूने लिए गए थे। जांच में अधोमानक मिले।
डेयरी के दूध, दुकान के बेसन, खोआ के नमूने मिले अधोमानक
अभिमन्यु दूध डेयरी भैंस का दूध और पनीर अधोमानक मिला है। इसके अलावा किसान दूध डेयरी आजादगंज में भैंस का दूध, सीपरी बाजार के शर्मा किराना स्टोर और पवन किराना स्टोर से लिए गए। बेसन के सैंपल और पूंछ के साहू खोआ भंडार से मावा का नमूना जांच में अधोमानक मिला है। एओ/एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।