अपनी लाडो अपूर्वी की परवरिश की बात अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचेगी। अमर उजाला में लगातार प्रकाशित हो रहीं अपूर्वी संबंधी खबरों का संज्ञान बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने लिया है। उन्होंने कहा कि अपूर्वी का दर्द, उसकी दास्तां वे खुद मुख्यमंत्री को सुनाएंगे। आयोग की टीम एक बार फिर झांसी आकर इस मामले में जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज की भूमिका की पड़ताल करेगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ सरकार की प्राथमिकता में है। हर हाल में अपूर्वी को बेहतर से बेहतर परवरिश उपलब्ध कराई जाएगी।
16 दिसंबर 2019 की रात अपूर्वी मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर एक के सामने खुले आकाश के नीचे एक कपड़े में लिपटी पाई गई थी। कुत्तों ने उसका हाथ खा लिया था। राहगीर ने उसे कुत्तों से बचाकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। अमर उजाला तब से लगातार मामला उठा रहा है। अपूर्वी को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के न्यू बॉर्न सिक केयर यूनिट में रहते हुए दो माह होने को हैं। उसका एक हाथ नहीं रहा है, बाकी वो पूरी तरह से स्वस्थ है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती अपूर्वी को शिशु विहार ले जाने के लिए आनाकानी शुरू हो गई है। कॉलेज प्रशासन अपूर्वी को फिट बताते हुए कारा एजेंसी को ले जाने के लिए दस दिन पहले पत्र लिख चुका है, जबकि प्रशासन बच्ची को एसएनसीयू से निकालकर सामान्य वार्ड में कुछ दिन रखने की बात रट रहा है। ऐसे में बच्ची को बेवजह एसएनसीयू में रहना पड़ रहा है। इसका संज्ञान बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने लिया है।
उन्होंने कहा कि पहले भी आयोग की सदस्य डॉ.नीता साहू को इस संबंध में झांसी भेजा था। इसके बाद ही प्रशासन की नींद टूटी थी। डॉ.साहू ने ही लाडो का नाम अपूर्वी रखा था। लेकिन एक बार फिर अपूर्वी के मामले में प्रशासन का रवैया जिम्मेदार नहीं दिख रहा। मामले की पूरी रिपोर्ट वे खुद मुख्यमंत्री को देंगे। जल्द ही आयोग की टीम को विस्तृत पड़ताल के लिए झांसी भेजेंगे।