झांसी। 12 वर्ष पूर्व हुई हत्या के दोषी को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट धीरेंद्र कुमार तृतीय के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार पूरन ने 2 दिसंबर 2002 को थाना मऊरानीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरा भाई घनश्याम बिजली विभाग में नौकरी करता था। भाई धनश्याम देवी के मंदिर में पूजा करने गया था। वहां मंदिर में मौजूद बेबी सिंह, महेंद्र सिंह, नेपाल सिंह व बाबू सिंह ने उस पर चाकू, कुल्हाड़ी आदि से प्रहार किया। घनश्याम की मौके पर ही मौत हो गई। दौरान मुकदमा बाबू सिंह की मृत्यु हो गई। सह अभियुक्तों के गैर हाजिर होने पर न्यायालय ने आरोपी बेबी सिंह की पत्रावली अलग कर दी। दोषी भारत सिंह ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। संवाद⭈