झांसी में विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने 20 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि, इस मामले के दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
विशेष अधिवक्ता विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रेमनगर निवासी शांति देवी ने दो जुलाई 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पति घमंडी रेलवे के लोको शेड में खलासी के पद पर कार्यरत थे। 29 जून 2002 को उसके पति अपनी ड्यूटी करके वापस घर लौटे। शाम तकरीबन छह बजे नया गांव निवासी बबलू उर्फ बलवंत, मजबूत सिंह, लखन, धर्मेंद्र, करतार सिंह व परमाल सिंह उसके घर आ पहुंचे और उधार दिए गए पैसों की मांग करने लगे। पैसा देने में असमर्थता जताने पर उन्होंने घर में घुसकर पति के साथ मारपीट कर दी। इतने पर भी वो नहीं माने और पति को पकड़कर अपने साथ ले गए। कुछ देर बाद पति को मृत अवस्था में घर के बाहर छोड़ गए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी बबलू उर्फ बलवंत, मजबूत सिंह, लखन व धर्मेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चारों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। बता दें कि उक्त घटना के दो आरोपी करतार सिंह और परमाल सिंह की मौत हो चुकी है। वहीं, मजबूत सिंह व लखन सगे भाई हैं।