झांसी। लक्ष्मी तालाब की सफाई के बाद यहां सुरक्षा के लिए पाथवे व बाउंड्री न बनने के कारण जानवरों ने दोबारा अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया है। पूरे तालाब में जानवर दिन भर इधर से उधर घूम कर गंदगी कर रहे हैं। इससे तमाम कोशिशों के बाद हुई सफाई पर पानी फिरता जा रहा है। वहीं, तालाब की सुंदरीकरण का अधूरा काम नगर निगम के हाथों में जाने से जलनिगम के अधिकारी बेफ्रिक हो गए हैं। नगर निगम सुंदरीकरण का काम कब शुरू करेगा? यह भी अभी साफ नहीं हुआ है।
लक्ष्मी तालाब को सुंदर बनाने की योजना 2015 में शुरू हुई थी। योजना के लिए 54 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इस बजट में 46 करोड़ रुपये जलनिगम को मिल चुके हैं, जिसमें लक्ष्मी तालाब में गिरने वाले नालों के पानी को रोकना, तालाब की सफाई, नाले के पानी को साफ करने के लिए तीन सीवेज पंपिंग स्टेशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, तालाब से ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइप लाइन डालने का काम हो गया है। अभी तालाब के दोनों तरफ से निकले नाले को पक्का बनाने, नाला डेढ़ मीटर ऊंचा और डेढ़ मीटर चौड़ा और दोनों तरफ 1700 मीटर लंबा पक्का नाला बनना बाकी है। साल के शुरूआत में जल निगम ने सौंदर्यीकरण के लिए 46 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव और तैयार कर लिया था। इस धनराशि से लक्ष्मी तालाब के इर्द गिर्द पार्क विकसित करने, पाथवे को पक्का करने व अन्य कार्यों को किया जाने की योजना बनाई गई है।
पिछले दिनों केंद्र से आई टीम ने सुंदरीकरण के लिए और पैसा देने से इंकार कर दिया। यह काम स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम को सौंप दिया गया। वहीं, काम में हो रही देरी के कारण तालाब दोबारा उसकी दुर्दशा की तरफ बढ़ता जा रहा है। तालाब की जमीन और कुछ हिस्से में भरे पानी में दिन भी जानवर विचरण करते रहते हैं। इससे तालाब में गंदगी बढ़ती जा रही है।
- लक्ष्मी तालाब को चारों तरफ लोहे की ग्रिल से बंद करने के बाद ही जानवरों को अंदर जाने से रोका जा सकेगा। ये काम अब नगर निगम को पूरा करना है। - आर के गुप्ता, सहायक अभियंता जलनिगम।