झांसी। पति, तीन बेटे, एक जेठ, दो देवर और चार भतीजे, यानी कि भरापूरा संयुक्त परिवार, बावजूद कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद पति और एक बेटा ही अंतिम वक्त पर मुक्तिधाम पहुंच पाए। जी हां, कोरोना संक्रमणकाल की त्रासदी की ये भयानक तस्वीर शुक्रवार को सामने आई, जिसे देख सभी की आंखें नम हो गईं।
चार - पांच दिन पहले तक बड़ाबाजार के पास रहने वाले उन्नीस सदस्यों के संयुक्त परिवार में सुबह से लेकर देर शाम तक रौनक बनी रहती थी। लेकिन, अचानक परिवार की एक महिला को कोरोना वायरस के संक्रमण ने अपनी जकड़ में ले लिया और शुक्रवार को उसकी मौत भी हो गई। इसके साथ ही हालात एकदम बदल गए। परिवार के सभी सदस्यों को पैरा मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया गया। पति और एक बेटे को ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत मिली। एंबुलेंस से मृतका के शव और पति - बेटे को बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम पर लाया गया। यहां पति ने मुखाग्नि दी और इसके बाद उन्हें वापस एंबुलेंस से पैरा मेडिकल कॉलेज लेकर जाया गया।
संभल जाइये, अभी भी है मौका
झांसी। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से अपनी जड़ें फैला रहा है। खासतौर पर पुराने शहर के इलाके में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बावजूद, बाजारों में खूब भीड़ उमड़ रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना तो दूर की बात, तमाम लोगों के चेहरों पर तो मास्क भी नजर नहीं आते हैं। ये स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या एक सैकड़ा से अधिक पहुंच चुकी है। मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन, हमारे पास अब भी मौका है संभलने का। बेवजह घर से बाहर न निकलें, मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से पालन करें। बच्चे, बुजुर्ग व बीमारों का विशेष ख्याल रखें।