झांसी। सोमवार की सुबह दस बजे रक्सा थाना इलाके में शिवपुरी हाईवे पर सूरत और इंदौर से आए तकरीबन चार सौ मजदूरों को झांसी सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। इससे नाराज मजदूर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। तकरीबन तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में सभी मजदूरों को बसों के जरिये शेल्टर होम पहुंचाया गया।
शिवपुरी के रास्ते गुजरात के सूरत और मध्य प्रदेश के इंदौर से मजदूरों का झांसी आने का सिलसिला लगातार जारी है। सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर तय कर वे झांसी पहुंच रहे हैं। सोमवार की सुबह तकरीबन दस बजे लगभग चार सौ मजदूरों का जत्था यूपी-एमपी के बार्डर पर पहुंच गया। इतनी अधिक संख्या में मजदूरों को एक साथ झांसी की सीमा लांघने से रोक दिया गया। इससे बेहाल मजदूर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि मध्य प्रदेश के पिछले जिलों से उन्हें आगे की ओर धकेला जा रहा है और यहां उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। ऐसे में वे जाएं तो कहां जाएं, न तो जेब में पैसा है और न ही खाने की कोई व्यवस्था। इससे बॉर्डर पर लगभग तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना पाकर पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने बसों के जरिये मजदूरों को शेल्टर होमों में पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद भी मजदूरों के आने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। ज्यादातर मजदूर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं।