झांसी। कोरोना की तीसरी लहर में अब तक मिले मरीजों में किसी का भी स्वाद और महक जाने का मामला सामने नहीं आया है। मरीजों को सबसे ज्यादा सिर और शरीर में दर्द की समस्या आ रही है। इसके अलावा अधिकांश लोगों का बुखार भी तीन से चार दिनों तक में उतर जा रहा है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यदि पांच या उससे ज्यादा दिन बुखार रहे तो ये खतरनाक साबित हो सकता है।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में संक्रमित होने वालों के मुंह का स्वाद और महक चली जाती थी। छह से सात दिनों के बाद ये वापस आती थी। मगर कोरोना की तीसरी लहर में वायरस के बदले रूप ने तमाम लक्षणों को खत्म कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक महीने में यहां पर 56 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से एक भी मरीज का न तो स्वाद गया और न ही सुगंध। हालांकि, इस बार सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों को सिर दर्द के तौर पर सामने आ रही है। वहीं, कई मरीज पूरे शरीर में दर्द से कराह उठते हैं। इसके अलावा ज्यादा रोगियों में बुखार 101 से 102.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। जो कि तीन से चार दिनों में उतर जा रहा है। जबकि, कोविड की पिछली लहर में ये 104 डिग्री तक पहुंच जा रहा था। मगर डॉक्टर पांच दिनों से ज्यादा बुखार रहने को खतरनाक बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे रोगियों को तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
नहीं आ रही खांसी, पर आवाज में भारीपन
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के नया स्ट्रेन गले के नीचे नहीं जा रहा है, इसलिए अधिकांश संक्रमितों में खांसी की समस्या देखने को नहीं मिली है। मगर गले में खराश होने के साथ-साथ आवाज में भारीपन के मामले खूब मिल रहे हैं। चार रोगियों को छोड़कर किसी को भी ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है।
56 मरीज भर्ती हो चुके हैं। किसी का भी स्वाद, महक नहीं गई है। सबसे ज्यादा समस्या सिर दर्द की है। अधिकतर का बुखार भी चार दिनों में उतर जा रहा है। - डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी कोविड, मेडिकल कॉलेज।