गुरुद्वारा तलैया मुहल्ला में चल रहे सालाना संत सम्मेलन के चौथे दिन बुधवार को भी विविध आयोजन हुए। सुबह कीर्तन दरबार सजा और शाम को कवि दरबार का आयोजन हुआ। इस दौरान भारी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।
गुरुद्वारे में सुबह पटियाला के रागी भाई जगमोहन सिंह साहिब सिंह ने कीर्तन किया। उन्होंने ‘गुरु दी प्यारी साघ संगत जी, वाहिगुरु जी की फतेह, गुरमुख सखी सहेलिया सो आप भाईया, हरि दरगह पैनाईआ, हरि आप गल लाईया’ समेत कई कीर्तन सुनाए, जिन पर वहां मौजूद श्रद्धालु गुरु भक्ति में भाव विभोर हो उठे। जबकि, शाम को कवि दरबार सजा, जिसमें दिल्ली से आए गुरचरन सिंह चरन, महिंदर सिंह ‘परिंदा’, वीबी रजिंदर कौर ‘राज’ और अमृतसर के मक्खन सिंह ने गुरु की शान में कसीदे पढ़े।
इस दौरान गुरुवाणी का पाठ भी जारी रहा, जिसे पढ़ने की श्रद्धालुओं में होड़ सी लगी रही। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहब की सवारी के समक्ष मत्था टेका। वहीं, सेवादार गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी हुआ। इस मौके पर ज्ञानी महेंद्र सिंह, अमृत पाल सिंह, जसवंत सिंह, मंजीत सिंह, जगदीश बजाज, जगदीश ढींगरा आदि उपस्थित रहे। संचालन कर्नल चहल ने किया।