केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित स्मारक ों को देखना अब देशी - विदेशी पर्यटकों के लिए महंगा होगा। इसके लिए भारत सरकार का गजट किला और रानी महल पर चस्पा कर दिया गया है। इसमें नई प्रवेश टिकट दर देश के पर्यटकों के लिए 25 रुपये और विदेशियों के लिए 300 रुपये करने पर विचार किया गया है। हालांकि, नई दरों को लागू करने से पहले सरकार ने जनमानस से विचार और आपत्तियां मांगी हैं।
केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में ऐतिहासिक दुर्ग के अलावा रानी महल, झोकनबाग स्थित सिमेट्री मेमोरियल, राजा गंगाधर राव की समाधि भी हैं, लेकिन टिकट सिर्फ किला और रानी महल देखने आने वाले पर्यटकों से लिया जाता है। इनको देखने के लिए अभी देशी पर्यटकों को 15 रुपये और विदेशियों को प्रति टिकट 200 रुपये देेने पड़ते हैं। इन ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए हर साल दो लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। विभाग अब संरक्षित स्मारकों पर प्रवेश टिकट दर बढ़ाने की जाने की योजना बना रहा है।
इसी पहल के तहत किला और रानी महल पर भारत सरकार की ओर से जारी गजट चस्पा कर दिया गया है, ताकि किसी भी नागरिक की कोई आपत्ति या विचार हो तो वह दे सकें। नई प्रवेश दर देशी पर्यटकों के लिए 25 रुपये और विदेशियों के लिए 300 रुपये करने पर विचार किया गया है। इस संबंध में केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग लखनऊ के अधीक्षण पुरातत्व विद् एसपी शुक्ला ने बताया कि नई टिकट दरों का गजट संरक्षित स्मारकों पर चस्पा करवा दिया गया है। आम जनमानस से विचार और आपत्तियां मांगी गई हैं, जो सरकार के पास भेेजी जाएगी। जब टिकट दर बढे़ंगी तो इसकी सूचना जारी होगी।