झांसी। खजुराहो रेलवे स्टेशन को हर प्रमुख ट्रैक से जोड़ने की तैयारी चल रही है। यहां से हर तरफ के लिए यात्रियों को ट्रेन उपलब्ध होगी। इसके लिए खजुराहो स्टेशन को टर्मिनल ( संबंधित ट्रैक का अंतिम स्टेशन) की तरह विकसित किया जाएगा। यहां पर सुविधाएं बढ़ेंगी। ब्लू प्रिंट तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित पत्रकार वार्ता में डीआरएम संदीप माथुर ने उक्त जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अभी खजुराहो से दिल्ली, भोपाल, प्रयागराज की तरफ ट्रेनें उपलब्ध हैं। जल्द ही सतना रूट पर भी खजुराहो से ट्रेन चलाने की तैयारी है। खजुराहो स्टेशन से ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चल सकें, इसके लिए यहां पर प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाने, वाशिंग साइडिंग बनाने, यार्ड बढ़ा करने, यात्री सुविधाएं बढ़ाने का खाका तैयार कर लिया गया है। झांसी से बबीना तक तीसरी रेल लाइन को दिसंबर तक चालू कर लिया जाएगा। इस महीने मेें खजराहा और झांसी में तीसरी रेल लाइन पर
इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग और प्वाइंट को जोड़ने का काम पूरा हो जाएगा। अक्तूबर में बबीना में ये कार्य कर लिया जाएगा। नवंबर में रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा। झांसी- मानिकपुर ट्रैक पर मऊरानीपुर स्टेशन पर ही इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग का काम बाकी बचा है, जिसे जल्द पूरा किया जा रहा है। सीपरी बाजार ओवरब्रिज पर अक्तूबर के पहले सप्ताह से गार्डर रखने का काम शुरू हो जाएगा। झांसी- कानपुर दोहरीकरण का कार्य दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है। चिरगांव से नंदखास औरर भुआ से सरसोसी के बीच का ट्रैक जनवरी तक चालू हो जाएगा। चौरा- पुखरायां- मलासा स्टेशन के बीच मार्च तक ट्रैक चालू होगा। उन्होंने बताया कि बंाग्लादेश के लिए पार्सल व कंटेनर भेजने का काम शुरू कर दिया गया है।
ये होता टर्मिनल
ये वो स्टेशन होता है जहां से आगे रास्ता नहीं होता है। मतलब ट्रैक का अंतिम स्टेशन। यहां से ट्रेन सिर्फ एक ही दिशा में जा सकती है। यानी जिधर से आई हो, उधर ही वापस। अभी देश में 27 टर्मिनल रेलवे स्टेशन हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनल और लोकमान्य टर्मिनल देश के सबसे बड़े टर्मिनल स्टेशन हैं। टर्मिनल को टर्मिनस भी कहते हैं।