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बुंदेलखंड की तस्वीर बदल देगा केन-बेतवा गठजोड़: गडकरी

Sun, 03 Mar 2019 10:11 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
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नितिन गडकरी - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केन-बेतवा गठजोड़ को लेकर उनके मंत्रालय की तैयारियां पूरी हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच अनुबंध होते ही दो दिन के भीतर टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। ये परियोजना बुंदेलखंड की तस्वीर बदल देगी। वह मुक्ताकाशी मंच से सभा को संबोधित कर रहे थे।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केन-बेतवा गठजोड़ उमा भारती का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। मप्र की मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से इस पर बात की थी। उमा इस परियोजना को शुरू से ही गति देती आ रही हैं। उनके बाद मंत्रालय मेरे पास आने के बाद मैंने भी उसे गति प्रदान की। बीस हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना को सभी संवैधानिक मंजूरियां मिल चुकी हैं। इस पर नब्बे प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार करेगी और बाकी दस फीसदी बजट यूपी-एमपी को करना होगा। फंडिंग मैकेनिज्म को लेकर कैबिनेट नोट भी जारी हो चुका है। केन बेतवा गठजोड़ से मध्य प्रदेश की 6.52 लाख हेक्टेअर और उत्तर प्रदेश की 2.5 लाख हेक्टेअर जमीन सिंचित होगी। इसके अलावा केन बेतवा गठजोड़ से 103 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का भी उत्पादन होगा। खास बात ये है कि ये गठजोड़ 63 लाख लोगों को पीने का पानी मुहैया कराएगा। 

मंत्रालय स्तर पर इस परियोजना की तैयारियां पूरी हैं। इसका डीपीआर भी बनाया जा चुका है। दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री अभी साइन कर दें, तो आचार संहिता लगने से पहले दो दिन में मंत्रालय की ओर से काम के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। 
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नहर नहीं बनाएंगे, पाइप से पानी पहुंचाएंगे 
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में पानी की कोई कमी नहीं है। कमी है इसके नियोजन की। इस कमी को हम पूरा करने जा रहे हैं। इसी के तहत नहर न बनाने का फैसला लिया गया है। इसकी जगह हम पाइप लाइन से पानी पहुंचाएंगे। पानी की समस्या पूरे देश में नहीं है, बल्कि कुछ इलाकों में है। भारत पाकिस्तान के बीच छह नदियां हैं। इनमें से तीन का पानी पाकिस्तान जाता है। इसकी दो-तीन परियोजनाएं हमने अपने हाथ में ली हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से हम पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को पानी देंगे।

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