फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम से कम 400 रोगियों का हर माह करना होगा पंजीकरण

विज्ञापन
aayushman yojana
विज्ञापन
कम से कम 400 रोगियों का हर माह करना होगा पंजीकरण
विज्ञापन

झांसी। आयुष्मान भारत योजना को लेकर सरकार काफी गंभीर है। योजना के अंतर्गत मरीजों के गिरते पंजीकरण को लेकर शासन ने मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के पंजीकरण की सीमा तय कर दी है। अब मेडिकल कॉलेज को हर माह कम से कम 400 आयुष्मान योजना के मरीजों का पंजीकरण करना होगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के सापेक्ष कम पंजीकरण होने पर शासन स्तर पर लगातार मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही थीं। हर बार मरीजों का पंजीकरण बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा। दरअसल, शासन स्तर पर लगातार प्रदेश में आयुष्मान भारत मरीजों को बेहतर इलाज न मिलने और पंजीकरण में आनाकानी करने की शिकायतें पहुंच रही थीं। इसको गंभीरता से लेते हुए अब शासन ने हर महीने के हिसाब से पंजीकरण की सीमा निर्धारित कर दी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने मेडिकल कॉलेज अधिकारियों को हर महीने कम से कम 400 पंजीकरण करने का लक्ष्य दे दिया है। इसमें लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

अमर उजाला का अभियान
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को एक साल पूरा हो चुका है। इतना लंबा समय गुजरने के बाद भी सरकार की नि:शुल्क इलाज देने की मंशा अब तक अधूरी है। इस योजना के अंतर्गत जनपद की स्थिति और लाभार्थियों की समस्याओं को लेकर अमर उजाला अभियान चला रहा है। अभियान के तहत लगातार सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर योजना की हकीकत बयां की जा रही है।
आप भी दे सकते सुझाव
योजना के संबंध में कोई भी सुझाव या जानकारी देने के लिए आप हमारे मोबाइल नंबर 7617566165 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। इसके अलावा द्भद्धह्य-ष्द्बह्ल4ह्म्द्गश्चशह्म्ह्लद्गह्म्ञ्चद्भद्धह्य.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व पर ई-मेल भी कर सकते हैं।
विज्ञापन

योजना के बारे में जानें
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को की गई थी। इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को लाभार्थी बनाया गया। योजना के पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में लाभार्थी इलाज करा सकते हैं। योजना के तहत लाभार्थी को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें