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Jhansi News: जुगाड़ के आयुष्मान कार्ड का नहीं हो रहा मिलान

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। साइबर कैफे से आयुष्मान कार्ड बनवा लेने बाद लोगों को लगा कि योजना का लाभ मिल जाएगा। लेकिन जिला और निजी अस्पतालों में आ रहे कई मरीजों के आयुष्मान कार्ड का सत्यापन वेबसाइट से नहीं हो पा रहा है। मुफ्त इलाज के लालच में कई अपात्र ठगों के चंगुल में फंस रहे हैं और पैसे देकर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवा रहे हैं। जबकि इनका डाटा आयुष्मान भारत मिशन की वेबसाइट पर है ही नहीं।



भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत मिशन योजना में साल 2011 की जनगणना में शामिल परिवार, अंत्योदय राशनकार्ड धारक परिवार, पात्र गृहस्थी राशनकार्ड में छह लोग या उससे अधिक का संयुक्त परिवार और 70 साल की उम्र पूरी कर चुके बुजुर्गों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 4.5 लाख आयुष्मान कार्ड धारक हैं। इनमें 1.25 लाख अंत्योदय राशनकार्ड धारक परिवार के सदस्य, 2011 की जनगणना में शामिल 2.5 लाख लाभार्थी, 69 हजार पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार के सदस्य और वर्तमान में 6 हजार बुजुर्ग, जो 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।



ऐसे में वह लोग भी आयुष्मान कार्ड पाने के लिए आतुर हैं, जो योजना के नियमानुसार अपात्र हैं। लेकिन इन्हीं लोगों का लाभ अब ठगी करने वाले उठा रहे हैं। योजना का लाभ पाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने साइबर कैफे या अन्य दूसरे लोगों के माध्यम से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवा लिए हैं। इसके बदले में उन्होंने पांच से लेकर पंद्रह हजार रुपये तक खर्च किए हैं। लेकिन जब इन कार्डों के इस्तेमाल की नौबत आई तो पता चला कि यह केवल देखने भर के आयुष्मान कार्ड हैं, इन कार्ड में दर्ज जानकारी का मिलान आयुष्मान भारत मिशन की वेबसाइट से नहीं हो रहा है।

निजी अस्पतालों के अटका क्लेम



महानगर के कई बड़े अस्पताल आयुष्मान भारत मिशन योजना में सूचीबद्ध हैं। यह अस्पताल आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को लाभ देने के चक्कर में अपना ही नुकसान कर बैठे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया निजी अस्पतालों ने मरीजों का हित सोचकर इलाज कर दिया, लेकिन जब उनके आयुष्मान कार्ड से इलाज के खर्च का क्लेम किया गया तो पता चला कि यह कार्ड पोर्टल पर दर्ज ही नहीं हैं। बताया कि 100 में से पांच आयुष्मान कार्ड संदेहास्पद पाए जा रहे हैं।





खुद जांच लें आयुष्मान कार्ड को

लोगों से आयुष्मान कार्ड के नाम पर ठगी करने वालों के गोरखधंधे पर विराम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत मिशन की वेबसाइट का आधिकारिक लिंक जारी किया है। लाभार्थी को सर्च इंजन (google) पर https://beneficiary.nha.gov.in दर्ज कराना होगा। इसके बाद आयुष्मान कार्ड पर दी गई जानकारी भरकर सत्यापन कर सकेंगे। इसके अलावा अपनी पात्रता जानने के लिए आप टॉल फ्री नंबर 14555 पर भी फोन कर जानकारी ले सकते हैं।





वेबसाइट पर ऐसे करें सत्यापन



लिंक पर क्लिक करते ही होम पेज खुलेगा, जिस पर आपको लॉगइन करने के लिए कैप्चा अंकित करना होगा। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर अंकित कर उसे वैरिफाई करना होगा। इसके बाद आपके नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। इसे अंकित करने पर दूसरा पेज खुलेगा, जिसमें कार्ड पर दी गई जानकारी भरने के बाद आयुष्मान असली है या नकली इसकी जानकारी मिल जाएगी।





अस्पताल जाएं तो ये दस्तावेज भी ले जाएं

आपके पास आयुष्मान कार्ड है और इलाज कराने के लिए निजी या सरकारी अस्पताल जा रहे हैं तो आयुष्मान कार्ड के साथ आपको एक पारिवारिक पहचानपत्र भी ले जाना होगा। ऐसा इसलिए कि फर्जी आयुष्मान कार्ड से बचने के लिए यह दस्तावेज अस्पतालों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें प्रधानमंत्री का पत्र (डाक से आयुष्मान कार्ड के साथ आया प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला पत्र) या राशनकार्ड जरूर ले जाएं। इन्हीं दस्तावेज से आयुष्मान कार्ड का सत्यापन भी किया जा रहा है।
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वर्जन



कई लाेग अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ लेने के उद्देश्य से ठगों के चंगुल में फंसकर अवैध आयुष्मान कार्ड बनवा रहे हैं, लेकिन यह किसी काम नहीं आएंगे। क्योंकि इनका सत्यापन वेबसाइट से नहीं हो रहा। ऐसे में इन्हें संदिग्ध मानकार अस्पताल पीएम पत्र या पारिवारिक पहचान पत्र मांग रहे हैं। किसी को भी आयुष्मान कार्ड के लिए पैसे न दें। आप पात्र हैं या नहीं इसके लिए राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर से भी जानकारी ले सकते हैं। - डॉ. अभिषेक गोस्वामी, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, आयुष्मान भारत मिशन, झांसी
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