बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताते हुए हिंदुओं से सड़क पर उतरने की बताई जरूरत
17 किलोमीटर सफर तय करके देर शाम घुघसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर निकले बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार को कहा कि अगर समय पर हिंदू न चेते तो उनके मंदिर भी नहीं बचेंगे। बांग्लादेश का हवाला देते हुए हिंदुओं को सड़क पर उतरने की जरूरत बताई। छठे दिन 17 किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद पदयात्रा मंगलवार देर शाम घुघसी (सकरार) पहुंची।
इसके पहले, मऊरानीपुर के ग्रामोदय में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से कहा कि यदि भारत के हिंदू नहीं चेते, तब उनका हाल भी बांग्लादेश के हिंदुओं की तरह होगा। एक-एक कर मंदिर समाप्त कर दिए जाएंगे। कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के एकजुट न होने से उनका दमन हुआ। बांग्लादेश के हिंदू अगर कायर होंगे तो चिन्मयदास को नहीं छुड़वा सकेंगे। हमारा मन बहुत भयभीत है कि भारत, बांग्लादेश बनने की कगार पर है। जगह-जगह हिंसा और हमले हो रहे हैं। कानून को हाथ में लेकर संविधान का मजाक बनाया जा रहा है। जाति बंटवारे को देश के लिए घातक बताते हुए इसे खत्म करने की वकालत की।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राजनीति में आने से इन्कार कर दिया। कहा, राजनीति पर कभी दांव नहीं खेलेंगे। हालांकि वह अपने मनपसंद राजनेता के नाम का जिक्र करने से कन्नी काट गए। उन्होंने कहा कि यह बागेश्वर बाबा की रामराजा सरकार से मिलन की यात्रा है। यात्रा का जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे भी लगाए। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। बुधवार को पदयात्रा घुघसी से निवाड़ी तक जाएगी।
धीरेंद्र शास्त्री को मोबाइल लगने से मची खलबली
धीरेंद्र शास्त्री ने खुद वीडियो बनाकर बताई सच्चाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मऊरानीपुर के रामवन होटल के पास बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर पुष्पवर्षा करते समय किसी श्रद्धालु के हाथ से मोबाइल छूटकर धीरेंद्र शास्त्री के चेहरे पर जा लगा। मौके पर अफरातफरी मच गई। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भी बिना नाराज हुए कहा कि किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंका है। मोबाइल लगने के बाद धीरेंद्र शास्त्री पर हमला होने की बात फैल गई। पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई। छानबीन के दौरान यह साफ हुआ कि गलती से एक श्रद्धालु के हाथ से मोबाइल छूट गया था। हमला होने की बात फैलने पर धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो बनाकर खुद सच्चाई बताई।