झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय कर दी गई है। 15 जून से तीन जुलाई के बीच चुनाव कराए जाएंगे। इसके साथ ही राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी आमने-सामने के मुकाबले में हैं। हालांकि, दोनों ही दल झांसी और ललितपुर जिले में बहुमत के आंकड़े से दूर हैं। निर्दलियों के सहारे जंग जीतने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
झांसी में जिला पंचायत के 24 सदस्य हैं। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहुंचने के लिए 13 सदस्यों का समर्थन हासिल करना बेहद जरूरी है। लेकिन, चुनाव परिणामों ने किसी भी दल को स्पष्ट संदेश नहीं दिया है। सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई भाजपा भी सिर्फ नौ सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी है। वहीं, समाजवादी पार्टी पांच सीटों पर सिमट कर रह गई है। जबकि, पिछली जिला पंचायत में सपा के 16 सदस्य थे। बसपा के खाते में तीन और कांग्रेस को एक सीट मिली है। जबकि, छह वार्डों में निर्दलियों ने दलगत राजनीति को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की है। चुनाव में भाजपा और सपा दोनों ही दल अपने प्रत्याशी उतारने जा रही हैं। लेकिन, पूर्ण बहुमत दोनों के पास नहीं है। ऐसे में दोनों दलों की निर्दलियों पर जमी हुईं हैं। जीत के लिए भाजपा को जहां चार सदस्यों के समर्थन की दरकार है, तो वहीं सपा को आठ सदस्यों को अपने पक्ष में लाना होगा। हालांकि, सपा का दावा है निर्दलियों सदस्यों में तीन उनकी ही पार्टी के हैं, ये बात और है कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। बसपा और कांग्रेस के सदस्यों का समर्थन हासिल करने का भी वो बात कह रहे हैं। हालांकि, ऊंट किस करवट बैठेगा, ये आने वाला वक्त ही बताएगा। उधर, ललितपुर में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। 21 सदस्यों वाले ललितपुर जिला पंचायत के सदन में भाजपा के छह, सपा के पांच और बसपा के तीन सदस्य हैं। जबकि, सात सदस्य निर्दलीय हैं। यहां भी दोनों ही दल निर्दलियों को साधन में जुटे हुए हैं।
नाम तय, घोषणा होना बाकी
झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सपा और बसपा में टिकट को लेकर जोड़तोड़ शुरू हो गई थी। स्थानीय स्तर पर दोनों दलों में अपने-अपने दावेदारों के नाम पर सहमति भी बन चुकी है। प्रदेशीय नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। घोषणा होना भर बाकी है।
कसौटी पर होगी विधायकों की साख
झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के जरिये भारतीय जनता पार्टी के ग्रामीण सीटों से आने वाले तीन विधायकों की साख की परखी जाएगी। यही वजह है कि विधायक भी पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगाए हुए हैं। निर्दलियों के साथ-साथ दूसरे दलों के सदस्यों से भी लगातार संपर्क में हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व अन्य पदाधिकारी भी सक्रियता से सपा के लिए बहुमत के आंकड़े की जुगाड़ में जुटे हुए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी का ही बनेगा। निर्दलीय व अन्य दलों के सदस्यों का भाजपा को समर्थन हासिल हो चुका है। प्रत्याशी का नाम प्रदेश नेतृत्व तय करेगा। जिले के अनुसूचित जाति के भाजपा के चुने गए चारों सदस्यों के नाम भेजे गए हैं।
- मुकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष - भाजपा
भले ही समाजवादी पार्टी के पांच अधिकृत प्रत्याशी जीते हों, लेकिन निर्दलीय जीत करने वाले सदस्यों में से तीन सपा के ही हैं। इसके अलावा भाजपा को छोड़ बाकी अन्य दल के सदस्य भी सपा के साथ है। सपा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी।
- महेश कश्यप, जिलाध्यक्ष - सपा