440 करोड़ की रिवैंप योजना के तहत चल रहे बिजली के ढांचे को बेहतर करने के काम
नहीं थम रहा ट्रांसफार्मर और केबल फुंकने का सिलसिला
नौ घंटे अघोषित कटौती झेल रहे शहर और गांवाें के लोेग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली सुधार के लिए भले ही 440 करोड़ की रिवैंप योजना के तहत कार्य चल रहे हों, लेकिन बिजली कटौती को लेकर हाहाकार थम नहीं रहा है। शहर भर में टुकड़ों में की जा रही कटौती के चलते लोगों को 12 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इस तरह आठ से नौ घंटे की अघोषित कटौती को जनता झेल रही है। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं केबल जलकर टूट रही हैं। पिछले एक महीने की बात करें तो शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में करीब 60 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। इसी तरह 50 स्थानों पर केबल जली हैं।
बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए पिछले साल नवंबर माह में रिवैंप योजना शुरू की गई। इसके तहत झांसी में 28400 नए खंभे लगाए जाने हैं। 1290 किलोमीटर का खुला तार बिछना है। 547 किलोमीटर का सादा तार लगना है। खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने हैं और नए फीडर बनने हैं। अभी तक 60 फीसदी कार्य ही पूरा हुआ है। 40 फीसदी कार्य इस साल नवंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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इन स्थानों पर हुई बिजली कटौती
खातीबाबा क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात करीब 12 बजे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इससे संबंधित इलाकों में अंधेरा छा गया और लोग गर्मी से परेशान हुए। रात करीब डेढ़ बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु हुई। इसी तरह रेलवे कॉलोनी, पंचवटी, वीरांगना नगर, उनावगेट, पीतांबरा कॉलोनी, नई बस्ती, आवास विकास, केके पुरी, नंदनपुरा, ताज कंपाउंड, गरिया फाटक, चमन गंज, आईटीआई इलाकों में लोग शुक्रवार को दिनभर बिजली कटौती से परेशान रहे। बीकेडी चौराहे पर शुक्रवार की सुबह 11 बजे केबल फुुंक गई, जिससे इस इलाके में करीब डेढ़ घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इसी तरह मेडिकल सब स्टेशन के पैनल में दोपहर में आग लग गई, जिससे करीब दो घंटे यहां आपूर्ति ठप रही।
शिक्षा भवन में बिजली संकट, काम प्रभावित
शिक्षा भवन में संयुक्त शिक्षा निदेशक, अपर शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षक रैन बसेरा है। यहां शिक्षा विभाग के मंडल स्तर के सभी अधिकारी बैठते हैं, लेकिन पिछले सात दिन से यहां बिजली संकट बना हुआ है। हालत ऐसी है कि एसी, कूलर चलना तो दूर कंप्यूटर भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे। बार-बार बिजली गुल होने से कंप्यूटर चलते-चलते बंद हो रहे हैं। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में डीआईओएस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में बिजली अधिकारियों से कहा गया है, जिन्होंने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
रिवैंप योजना के तहत करीब 50 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। इस साल अंत तक सौ फीसदी कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत चल रहे कार्यों की स्थिति शहर में धीमी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र मेंं तेजी से कार्य चल रहा है। कार्य पूरा होने पर बिजली व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
- राजीव माहेश्वरी, मुख्य अभियंता