अस्पताल के बाहर बैठे परिजन और मृतक बबीता (फाइल फोटो)
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चिरगांव के छिरौना गांव निवासी बबीता राजपूत (45) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला। पोस्टमार्टम के दौरान मायके एवं ससुरालीजनों के बीच नोकझोंक भी हुई। मायके पक्ष ने ससुरालीजनों पर महिला को उसका हक न देने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
बबीता के मायके पक्ष का कहना है कि करीब 20 साल पहले उसके पति उमेश की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। बबीता इकलौते बेटे ऋषि के साथ रहती थी। ऋषि बीए में पढ़ता है। सोमवार को खाना खानकर बबीता ऊपर कमरे में सोने चली गई। बेटा ऋषि नीचे कमरे में सोया था। मंगलवार सुबह उसकी भतीजी जब पहुंची तो दरवाजा खुला हुआ था। अंदर उसने बबीता को फंदे से लटका देखा। यह देख उसने शोर मचाया। आसपास एवं ससुराल के लोग आ गए। उन लोगों ने उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके भाई भगवत समेत अन्य परिजन भी पहुंच गए। जांच कराने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुरू कर दिया।
भगवत का आरोप है कि ससुराल में करीब 20 एकड़ जमीन है, लेकिन बबीता को हक नहीं दिया गया। देवर एवं अन्य ससुरालीजन उस पर काबिज हैं। इसको लेकर विवाद होता था। बबीता सिर्फ विधवा पेंशन के सहारे गुजारा करने पर मजबूर थी। इस वजह से वह परेशान रहती थी। उन लोगों ने जमीन पर कब्जा करने के लिए हत्या का आरोप लगाया। एसपी आरए डा. अरविंद कुमार का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन में आत्महत्या की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत की सही वजह मालूम चल सकेगी। मायके पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई।