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Jhansi News: ढाई करोड़ के फूलों से सजेगी झांसी, राम भक्तों ने दिया 200 क्विंटल फूलों का ऑर्डर

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सवांद न्यूज एजेंसी
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झांसी। 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित होने जा रहे भगवान राम की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जहां पूरी अयोध्या को भव्य रूप से सजाया जा रहा है तो दूसरी ओर झांसी महानगर के रामभक्त भी इस महापर्व में पीछे नहीं रहना चाहते। लोगों ने अपने घर, प्रतिष्ठानों और मंदिरों को फूलों से सजाने के लिए विक्रेताओं को 200 क्विंटल फूलों का ऑर्डर दिया है। जिसमें गेंदा और गुलाब के फूल शामिल हैं। इस व्यापक मांग के चलते फूल विक्रेता भी गदगद हैं।
बता दें कि झांसी जिले से सटे मध्य प्रदेश के दतिया में मां पीतांबरा और ओरछा में भगवान रामराजा सरकार का ऐतिहासिक मंदिर है। इन दोनों ही मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए प्रतिदिन लगभग 40 क्विंटल फूलों का उपयोग होता है। यह मांग सामान्य दिनों में होती है। यहां खास बात यह है कि झांसी के नजदीक होने के चलते यहीं से फूल भी जाता है। अब जब 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में उनकी मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है तो झांसी जिले के सभी मंदिरों में भी सजावट का काम जोरशोर से चल रहा है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाले फूलों की खरीद के लिए विक्रेताओं के पास भी बड़े ऑर्डर आ रहे हैं। गेंदा के किसान बासुदेव माली ने बताया कि उनके पास ऐसे 17 ऑर्डर हैं, जिन्हें कार्यक्रम के दिन 5 क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूल चाहिए। वह कहते हैं कि इतनी भारी मात्रा में उनके पास फूल उपलब्ध नहीं हो सकेेंगे। ऐसे में उन्होंने अपने दो बेटों को अजमेर और इंदौर भेजा है। ऐसे ही राहुल कुशवाहा को भी 18 क्विंटल फूल की मांग पूरी करनी है, जिसके लिए उन्होंने कानपुर और शिवपुरी से फूल मंगाए हैं। उनका कहना है कि जिले के सभी विक्रेताओं की बात करें तो 200 क्विंटल से अधिक फूल के ऑर्डर आए हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले गेंदा फूल की कीमत भी दो गुनी 120 रुपये प्रतिकिलो हो गई है। यानी 200 क्विंटल फूलों के लिए 2.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ऐसे में विक्रेताओं को भी अच्छा मुनाफा मिल जाएगा।
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वर्जन
22 जनवरी को 200 क्विंटल फूल की मांग होना कोई बड़ी बात नहीं है। आम दिनों में ही झांसी में इसकी आधी मांग होती है। क्योंकि, जिले में इतनी भारी मात्रा में फूल उपलब्ध नहीं हैं तो विक्रेताओं को बाहर से फूलों की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
विजय कुमार यादव, उप निदेशक उद्यानिकी, झांसी।
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