रंजीत ने पुलिस को बताया कि भान सिंह छोटा मोटा काम करता था, जबकि पत्नी चाय की दुकान चलाती है। करीब चार साल पहले उसके अनीता से अवैध संबंध बन गए थे। यह बात भान सिंह को मालूम चल गई। इस वजह से अनीता और भान सिंह की रोजाना लड़ाई होने लगी। दोनों ने मिलकर भान सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पत्नी ने ही दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
उसने बताया कि 24 अप्रैल को अनीता ने भूसा खरीदने के बहाने भान सिंह को रंजीत के दोस्त रघुवीर के साथ भेज दिया। यहां रंजीत पहले से मौजूद था। रंजीत ने साथी के साथ मिलकर भान सिंह की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। अपने ऊपर शक न होने देने के लिए अनीता ने थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा दी।
रंजीत की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल भी बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसपी (आरए) के मुताबिक अनीता एवं रंजीत पर आईपीसी की धारा 302, 201 एवं 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज करके उनको जेल भेज दिया गया है।