टीईटी की अनिवार्यता को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट में एकजुट हुए। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को पत्र भेज कर संशोधन की गुहार लगाई है।
शिक्षकों के संगठन का कहना है सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के निर्णय से उनमें गहरी नाराज़गी है। संगठन का कहना है कि इससे सहित पूरे प्रदेश के लगभग 8 लाख शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति पर संकट मंडरा रहा है। जिला मंत्री प्रसून तिवारी और जिलाध्यक्ष अजय यादव की अगुवाई में सभी शिक्षक एकजुट हुए।
इस मौके पर आनंद यादव, गीतेश शर्मा, शालिनी पथिक, साजेंद्र त्रिपाठी, अरुण साहू, भानु पखारिया, प्रहलाद यादव, आशीष, राघवेंद्र निरंजन घनेंद्र तोमर, मनोज शर्मा, स्वदेश यादव, महावीर चन्द्रशेखर सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया और सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन देने वाले शिक्षकों में अर्चना कनौजिया, ज्योति रिछारिया शिखा साहू संगीता दुबे, शिवानी, रंजना मिश्रा आकांक्षा सिंह, बबीता, चित्रलेखा, अल्का द्विवेदी, सुभाष, नीरज, मनीष श्रीवास्तव, अनिल पश्तो त्रिपाठी मनोज यादव, विमल, महेश, रवि टाकोरी, मस्तराम, अनुज, कादिर, दीपचंद्र, अर्पित राय, मनोज चौरसिया, राकेश राजपूत अनिल खरे, मनोज शाक्य, सुनीता चक्रवर्ती, हेमलता कुशवाहा, पहलाद सिंह, बृजेंद्र, आनंद, देवेंद्र, डॉक्टर देवेंद्र, मनोज अत्वरिया, राजेंद्र सिंह, अर्चना निरंजन, सुनीता, नीतू थकले, कल्पना यादव आदि मौजूद रहे।