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महानगरवासियों को छह महीने और करना पड़ेगा पानी का इंतजार

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water.jpeg - फोटो : water.jpeg
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झांसी। पेयजल महायोजना पूरी होने का इंतजार कर रहे महानगरवासियों की उम्मीदों पर कोरोना ने ब्रेक लगा दिया है। लोग पेयजल महायोजना के जून 2022 में पूरा होने की उम्मीद जता रहे थे, अब उन्हें छह महीने और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि, शासन ने योजना को पूरा करने की अवधि छह महीने बढ़ा दी है। अब यह योजना दिसंबर 2022 में पूरी होगी।
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पेयजल महायोजना के अंतर्गत पूरे महानगर में पानी पहुंचाने के लिए लगभग तीन सौ किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है। इसके लिए अलग - अलग स्थानों पर टंकियों का निर्माण चल रहा है। मेन पाइप लाइन डाले जाने के दौरान कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई और कोलकाता से आने वाले पाइप की आपूर्ति ठप हो गई। तब से लेकर अब तक पाइप की सप्लाई नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि टेंडर में टाटा और जिंदल कंपनी के पाइप स्वीकृत हुए हैं। इन पाइपों की आपूर्ति कोलकाता से होती हैै। कोरोना में काम ठप हो जाने के कारण पाइपों की आपूर्ति नहीं हुई जिससे महायोजना का काम पिछड़ गया है। मामला शासन स्तर पर गया तो काम की अवधि बढ़ा दी गई है।
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माताटीला में फंसा जमीन का पेंच
महायोजना के अंतर्गत माताटीला बांध से पानी की आपूर्ति होनी है। इसके लिए सीपी (क्लोरीन फिल्ट्रेशन) टैंक बनाने के लिए जमीन का विवाद आड़े आ गया है, क्योंकि जो जमीन इसमें चिह्नित है, उस पर मध्य प्रदेश भी अपना दावा ठोंक रहा है। ऐसे में यह जमीन उप्र और मप्र के बीच फंस गई है।
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11 भूमिगत जलाशय बनेंगे
महानगर तक पानी पहुंचाने के लिए माताटीला बांध से 195 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन से बबीना तक पानी लाया जाएगा। इसके लिए बांध पर एक सीपी टैंक, माताटीला से बबीना तक 24.50 किलोमीटर तक कच्चे पानी के लिए 1,700 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन और जल शोधित पानी को पहुंचाने के लिए बबीना से झांसी तक 27.50 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके अंतर्गत 11 भूमिगत जलाशय (सीडब्लूआर) और नौ टंकियां बनाई जा रहीं हैं।
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कोरोना में दो लोगों की जान गई
पेयजल महायोजना पर 445 करोड़ रुपये खर्च होना है। इसका जिम्मा इस्राइल की कंपनी तहल को सौंपा गया है। कोरोना काल में कंपनी के दो कर्मचारियों की मौत के बाद काम की रफ्तार धीमी हो गई थी। 26 सितंबर को आगरा में उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद काम में तेजी आ गई है।
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पेयजल महायोजना का काम पहले जून 2022 में पूरा करना था, लेकिन अब इसे छह महीने बढ़ाकर दिसंबर 2022 में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी में 150 आदमी काम कर रहे हैं। काम समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
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- राजीव कुमार रावत
प्रोजेक्ट मैनेजर
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