फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: आईजीआरएस रैंकिंग में नहीं खास सुधार, 2896 शिकायतकर्ताओं में से 26.17 फीसदी असंतुष्ट

Wed, 15 Apr 2026 01:23 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

एक से 31 मार्च तक शासन स्तर से अलग-अलग 10 संदर्भों में 2896 फीडबैक लिए गए। 758 शिकायतकर्ता ने फीडबैक लेने पर असंतोष जताया। ये स्थिति तब है, जब आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अफसरों की परीक्षा भी कराई जा चुकी है।
विज्ञापन
आईजीआरएस पोर्टल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईजीआरएस रैंकिंग में इस बार भी झांसी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पिछली बार की तुलना में सिर्फ दो पायदान का ही सुधार हुआ है और झांसी को प्रदेश में 49वां स्थान मिला है। शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में इस बार 26.17 फीसदी शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले हैं।
विज्ञापन


इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) पोर्टल के जरिये आमजन ऑनलाइन शिकायत करते हैं। तय समय सीमा में संबंधित अधिकारी को शिकायत का निस्तारण करना होता है। इसके लिए अधिकारी का मौके पर जाना अनिवार्य है। निस्तारण की रिपोर्ट लगाने के बाद शासन स्तर से शिकायतकर्ता से फोन करके फीडबैक भी लिया जाता है कि वह संतुष्ट है या नहीं। बताया गया कि झांसी में कई विभाग शिकायतों का निस्तारण सही से नहीं कर रहे हैं। कुछ मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं कि शिकायत कहीं की हुई और निस्तारण कहीं का दिखा दिया। यही कारण है कि फीडबैक में असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की तादाद अच्छी खासी होने से झांसी की प्रदेश स्तर पर रैंकिंग खराब होती चली गई। एक से 31 मार्च तक शासन स्तर से अलग-अलग 10 संदर्भों में 2896 फीडबैक लिए गए। 758 शिकायतकर्ता ने फीडबैक लेने पर असंतोष जताया। ये स्थिति तब है, जब आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अफसरों की परीक्षा भी कराई जा चुकी है।


एक चौथाई शिकायतकर्ता बोले- कोई अधिकारी आया ही नहीं
शिकायतकर्ताओं से यह भी पूछा गया कि अधिकारी ने शिकायत निस्तारण को लेकर संपर्क किया तो 2373 ने हां में जवाब दिया। जबकि, 523 यानी 18.05 फीसदी ने कहा कि उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया। इसी तरह शिकायतकर्ताओं से जब यह पूछा गया कि संबंधित अधिकारी ने स्थलीय सत्यापन के लिए भ्रमण किया तो 2151 ने हां और 745 यानी 25.72 ने न में उत्तर दिया। इससे स्पष्ट होता है कि एक चौथाई मामलों में शिकायत का निस्तारण तो अधिकारियों ने बैठे-बैठे ही कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



चार महीने ये रही स्थिति
दिसंबर 31
जनवरी 48
फरवरी 51
मार्च  49

इनका यह है कहना
पिछली बार की तुलना में मार्च की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अगले महीने स्थिति और बेहतर होगी। - योगेंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी, आईजीआरएस।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें