ठंड का सीजन शुरू होते ही त्वचा में रूखापन बढ़ गया है। खासकर बुजुर्ग और संवदेनशील त्वचा वाले लोगों को ये समस्या ज्यादा हो रही है। कई मरीज खुजली से भी परेशान हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास ओपीडी में आठ फीसदी मरीज इसी समस्या के दिखाने के लिए आ रहे हैं।
ठंडी और शुष्क हवाएं त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेती हैं। इसके अलावा गर्म पानी से नहाना और कठोर साबुन का इस्तेमाल करने से भी त्वचा में रूखापन बढ़ जाता है। इन दिनों मैदानी इलाकों से ठंडी हवा आनी शुरू हो गई है और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। सुबह तड़के और रात में ओस भी गिरनी शुरू हो गई है।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि ओपीडी में खासकर बुजुर्ग पैरों में रूखापन और दरारें पड़ने की समस्या लेकर आ रहे हैं। खुजली आने से त्वचा में लालिमा भी आ जा रही है। जिन बच्चों की त्वचा संवेदनशील है, उनकी भी त्वचा में रूखापन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नहाते समय गर्म के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। त्वचा में नमी बनी रहे, इसका भी ध्यान रखें।
इन बातों का रखें ध्यान
बहुत गर्म पानी से न नहाएं।
पहले सूती और उसके ऊपर ऊनी कपड़े पहनें
नहाने के बाद नारियल तेल या मॉइस्चराइजर लगाएं