फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज: बजट की आस...करोड़ो की लागत से 500 बेड के अस्पताल की बिल्डिंग तैयार, उपकरणों का इंतजार

Tue, 07 Oct 2025 07:52 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

मेडिकल कॉलेज में 174 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 500 बेड के अस्पताल की बिल्डिंग छह महीने पहले पूरी हो चुकी है। इसके संचालन में सबसे बड़ी बाधा 42 करोड़ रुपये की धनराशि का अभाव है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज, झांसी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेडिकल कॉलेज परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से कई भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन इनमें से कोई भी अभी तक संचालित नहीं हो सका है। मुख्य कारण जीवनरक्षक उपकरणों के लिए शासन से बजट का आवंटन न होना है। इसी वजह से 100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य भी ठप पड़ा है।
विज्ञापन


झांसी मेडिकल कॉलेज में 174 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 500 बेड के अस्पताल की बिल्डिंग छह महीने पहले पूरी हो चुकी है। इस अत्याधुनिक भवन में एक ही छत के नीचे इलाज और जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थीं। इसमें आठ अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, 13 ऑटोमेटिक एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू), जनरल, सेमी-प्राइवेट और प्राइवेट वार्डों के साथ-साथ ब्लड बैंक, खून और पेशाब की जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, भवन तैयार होने के बावजूद इसके संचालन में सबसे बड़ी बाधा 42 करोड़ रुपये की धनराशि का अभाव है, जिससे जीवनरक्षक उपकरण नहीं खरीदे जा सके हैं।

एसएनसीयू अब तक शुरू नहीं

कॉलेज में नवजात शिशुओं के लिए 48 बेड की स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) भी पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इसका कारण फायर एनओसी के लिए 1.73 करोड़ रुपये का बजट न मिलना है। इसके अलावा, एनएचएम से जरूरी उपकरणों को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश भी नहीं मिले हैं। परिणामस्वरूप, गंभीर हालत में नवजातों के इलाज के लिए अभिभावकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन



 
विज्ञापन

क्रिटिकल केयर यूनिट की अधूरी पड़ी बिल्ड़िग - फोटो : अमर उजाला
क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य रुका

100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य 11 जनवरी 2024 को शुरू हुआ था, जिसे 10 मई 2025 तक पूरा किया जाना था। इसकी लागत 30.45 करोड़ रुपये है। लेकिन शासन से बजट जारी न होने के चलते इसका निर्माण कई महीनों से रुका हुआ है। प्रोजेक्ट मैनेजर हेमंत प्रकाश वर्मा के अनुसार, धनराशि मिलते ही कार्य दोबारा शुरू होगा।


स्मार्ट लेबर रूम में पानी न बिजली

झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से स्मार्ट लेबर रूम और आईवीए सेंटर की बिल्डिंग का निर्माण कर हैंडओवर कर दिया गया है। लेकिन छह महीने बीत जाने के बावजूद इसमें न तो पेयजल की व्यवस्था की गई है और न ही बिजली की। आवश्यक उपकरण भी अब तक स्थापित नहीं हो सके हैं। इसका कारण भी बजट का अभाव बताया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉक्टर मयंक सिंह ने बताया कि 500 बेड के अस्पताल के लिए जीवनरक्षक उपकरणों की खरीद व पद सृजन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। एसएनसीयू के फायर एनओसी के लिए भी बजट का इंतजार है।


बजट की आस में अधूरी पड़ी 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट देखें वीडियो...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें