विस्फोट इतना सशक्त था कि फैक्टरी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव में घरों की दीवारों तक में दरार आ गई। फैक्टरी में विस्फोट के बाद हुई मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी विस्फोट में कई बार जान जा चुकी है।
भीषण विस्फोट के चलते फैक्टरी का एक हिस्सा पूरी तरह जमींदोज हो गया। विस्फोट के बाद आग लगने से फैक्टरी के आसपास बिजली गुल हो गई। फैक्टरी के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटकों के होने की आशंका के चलते किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। पुलिस ने करीब सौ मीटर दूर ही लोगों को रोक दिया। पुलिस अफसरों का कहना है कि फैक्टरी में खदान में इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन छड़ बनाई जाती थी। ऐसे में काफी मात्रा में विस्फोटकों के अंदर होेने की आशंका है। इसको देखते हुए पुलिस ने फैक्टरी की ओर आने वाले रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया। विस्फोट होने की सूचना आगरा स्थित पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन को भेजी गई है। अब वहां से टीम के आने के बाद ही सील खोली जाएगी। टीम अंदर जाकर पूरी घटना का मुआयना करेगी। टीम यहां के सुरक्षा इंतजाम को भी परखेगी।
इंडो गल्फ फैक्टरी में विस्फोट के बाद हुई मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी विस्फोट में कई बार जान जा चुकी है। बबीना के टूका गांव में पांच साल पहले विस्फोट से दो लोगों की मौत हो चुकी। इसके पहले 3 मार्च 2019 को भी बबीना के कोटी चमरोआ गांव में रहने वालीं फूलन देवी के घर अचानक विस्फोट के चलते उसकी जान चली गई थी। इस तरह की कई घटनाएं इलाके में आसपास भी हो चुकी है। हालांकि, उस समय छानबीन में मालूम चला था कि बबीना फायरिंग रेंज के पास कई पुराने गोले ग्रामीण उठा लाते। इसके बाद धोखे में इस तरह की घटनाएं हो रही थीं।