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Jhansi Library: विश्व बैंक से मिला झांसी लाइब्रेरी को नेट जीरो सर्टिफिकेट, ये है खासियत... सुविधाओं से है लैस

Tue, 03 Dec 2024 11:49 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

झांसी जिला पुस्तकालय को नेट जीरो सर्टिफिकेट मिल गया है। विश्व बैंक की संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने कम कार्बन उत्सर्जन करने पर ये प्रमाणपत्र दिया है। जेडीए ने नेट जीरो प्रमाणन के लिए इसी साल जून में आवेदन किया था।
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झांसी लाइब्रेरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजकीय जिला पुस्तकालय एशिया की पहली बिल्डिंग है, जिसे नेट जीरो प्रमाणन मिल गया है। विश्व बैंक की संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने कम कार्बन उत्सर्जन करने पर ये प्रमाणपत्र दिया है। बिल्डिंग का निर्माण कराने वाले झांसी विकास प्राधिकरण ने इस प्रमाणन के लिए जून 2024 में आवेदन किया था। अक्तूबर में आईएफसी की टीम ने निरीक्षण कर मानक परखे थे।
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सन् 1960 में कचहरी चौराहा पर राजकीय जिला पुस्तकालय बना था। इसके बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 10 करोड़ से इस बिल्डिंग को नए रूप में तैयार कराया गया। अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल्डिंग का शुभारंभ किया। पुस्तकालय में युवाओं के लिए नि:शुल्क वाईफाई से लेकर 40 हजार से अधिक पुस्तकें तो हैं ही। साथ ही इस बिल्डिंग से कम से कम कार्बन उत्सर्जन हो, इस सोच के साथ भी तैयार करवाया गया है। ऐसे में कम विद्युत खपत से लेकर जल प्रबंधन तक के इंतजाम किए गए हैं।

जेडीए प्रशासन के मुताबिक आईएफसी के इंडिया ग्रीन बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत जेडीए ने नेट जीरो प्रमाणन के लिए इसी साल जून में आवेदन किया था। आईएफसी की टीम ने बिल्डिंग के मानकों की पड़ताल करने के बाद नेट जीरो प्रमाणन जारी कर दिया है। पत्र में लिखा कि ये एशिया की पहली परियोजना है, जिसने नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके 100 प्रतिशत ऊर्जा बचत की है।
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कम कार्बन उत्सर्जन का पीएम ने दिया है लक्ष्य
तीन साल पहले हुई जी-20 में कॉप-26 कान्फ्रेंस ऑफ पार्टी जलवायु सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 तक देश में कार्बन उत्सर्जन 45 फीसदी तक कम करने की बात कही थी। ये भी कहा था कि 2070 तक भारत नेट जीरो इमिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। इस दिशा में झांसी विकास प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया और राजकीय जिला पुस्तकालय की बिल्डिंग को मॉडल के रूप में तैयार कर दिया है।

इसलिए मिला प्रमाणन
- सौ प्रतिशत ऊर्जा बचाई
- 29 फीसदी जल की बचत
- सामग्रियों में 34 फीसदी कम कार्बन उपयोग

ऐसे किया जल प्रबंधन और बचाई ऊर्जा
जेडीए ने राजकीय पुस्तकालय की बिल्डिंग में ऊर्जा बचाने के लिए ग्रीन रूफ बनवाई गई। इसके जरिये बारिश के पानी का भंडारण, कक्षों का तापमान कम करने, शोर को रोकने आदि में मदद मिली। खिड़की आदि में ऐसे कांच का इस्तेमाल किया गया, जिससे तेज धूप में गर्माहट बिल्डिंग के अंदर कम आ पाए। ताप नियंत्रण प्रणाली का भी उपयोग हुआ। जहां पर दिन में रोशनी होती है, वहां पर लाइटें नहीं लगाई गईं।

वहीं, जल प्रबंधन के लिए वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और रीसाइकलिंग सिस्टम स्थापित हुआ। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया। ऐसे में अनुपयोगी और बारिश के पानी को भी रीसाइकिल कर इस्तेमाल में लाया गया। निर्माण के दौरान ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक का इस्तेमाल हुआ। दरअसल, एएसी ब्लॉक के ताप-रोधक गुण इमारत को ठंडा रखते हैं और बाहरी गर्मी को प्रवेश करने से रोकते हैं।

राजकीय जिला पुस्तकालय को नेट जीरो प्रमाणन मिल गया है। यह एशिया की पहली परियोजना है, जिसने नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके 100 प्रतिशत ऊर्जा बचत की है। यह झांसी के लिए गर्व की बात है। - आलोक यादव, उपाध्यक्ष, जेडीए।
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