पंचायत चुनावों की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनावी अधिसूचना जारी होने से पहले ही झांसी और ललितपुर में 26621 थानों में जमा कराए जाएंगे। झांसी में कुल 22 हजार जबकि ललितपुर में 4621 असलहे जमा होंगे। पुलिस ने असलहे संबंधी सभी ब्योरा जुटा लिए हैं। मंगलवार से ही इनको थानेवार जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना तगड़ी चुनौती होती है। अधिकांश लोगों की इन चुनावों में सीधी शिरकत होने से पुलिस को जमकर पसीना बहाना पड़ता है। चुनाव के दौरान हिंसा न फैलने पाए इसके लिए पुलिस पहले ही असलहे जमा करा लेती है। हालांकि कई शस्त्र लाइसेंस धारक असलहे जमा कराने में आनाकानी भी करते हैं। लेकिन, इस बार पुलिस कोई रियायत देने को मूड में नहीं दिखती।
पुलिस अफसरों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर भी सूची तैयार कराई गई है। असलहे जमा कराने की सीधी जिम्मेदारी संबंधित सीओ को दी गई है। प्रभावशाली लोगों को भी असलहे जमा करने होंगे। आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक असलहे मोंठ तहसील में हैं। खैलार, रक्सा, लकारा जैसे इलाके संवेदनशील माने जाते हैं। इसको देखते हुए असलहे जमा कराने की कार्रवाई यहीं से शुरू होगी।
चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए असलहे जमा कराए जा रहे हैं। इसको लेकर थानेवार निर्देश दिए गए हैं। सभी को असलहे जमा कराने होंगे। नेपाल सिंह एसपी, ग्रामीण
अधिक कारतूस बेचने वालों की होगी जांच
पंचायत चुनावों को देखते हुए असलहे जमा कराए जाने को लेकर जिलाधिकारी ने बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने असलहे जमा कराने की कार्रवाई जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने 15 फरवरी से थानावार असलहा जमा कराने की कार्रवाई शुरू कराने को कहा, साथ ही अधिक कारतूस बेचने वाले शस्त्र विक्रेताओं की जांच के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कारतूसों का मिलान निश्चित तौर पर हो किया जाए। ऐसे शस्त्र लाइसेंस जिनके शस्त्र जमा हैं लेकिन, काफी समय से उसे कोई लेने नहीं आया, इसकी भी जल्द सूची बनाई जाए। बैठक में नगर आयुक्त अवनीश कुमार, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, अध्यक्ष शस्त्र विक्रेता संघ के दिलीप गुप्ता, सर्वजीत सिंह कोहली, अशोक साहू, राजेंद्र साहू व महेंद्र साहू समेत अन्य उपस्थित थे।