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Jhansi News: राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी में झांसी फिसड्डी

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी के मामले में झांसी फिसड्डी साबित हुआ है। मंडल के ललितपुर और जालौन जिले भी झांसी से आगे हैं। झांसी प्रदेश में 63वें स्थान पर है। यहां अभी छह लाख से ज्यादा राशन कार्डधारकों का सत्यापन बाकी है।

मृत व विस्थापित हो चुके कार्डधारकों के नाम पर सरकारी राशन न लिया जा सके, इसके लिए शासन की ओर से सभी राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी कराया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक राशन कार्ड में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उन सभी को राशन की दुकानों पर जाकर ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन कराना है।
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इसकी शुरुआत सितंबर माह में हुई थी। लेकिन, जिले में अब तक 15,21,610 यूनिटाें में से 9,18,386 का ही ई-केवाईसी हो पाया है। 6,03,224 यूनिटों का ई-केवाईसी होना अब भी बाकी है, जिससे झांसी प्रदेश के 75 जिलों में 63वें स्थान पर बना हुआ है। यहां 60.36 प्रतिशत यूनिटों का ही ई-केवाईसी हो पाया है।

इस मामले में मंडल के ललितपुर जनपद की स्थिति बेहतर है। ललितपुर में 68.67 प्रतिशत यूनिटों का ई-केवाईसी हो चुका है। ललितपुर प्रदेश में छठवें स्थान पर हैं। जबकि, जालौन 51वें स्थान पर है। जालौन में 61.39 प्रतिशत यूनिटों का ई-केवाईसी हो गया है।



आठ दुकानों पर शुरू भी नहीं हुआ काम



झांसी जनपद में राशन की 768 दुकानें हैं। इन सभी दुकानों पर राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी किया जाना था। लेकिन, आठ दुकानों पर अब तक यह काम शुरू भी नहीं हुआ है। ललितपुर में दो दुकानों पर ई-केवाईसी नहीं हो रहा है। जबकि, जालौन जिले में सभी 763 राशन की दुकानों पर ई-केवाईसी हो रहा है।
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वर्जन



ई-केवाईसी की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए राशन कार्डधारकों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जल्द शत प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - शैलेंद्र कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी
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