झांसी। कोरोना काल में ट्रेन व मालगाड़ियों का संचालन कम होने के कारण झांसी व ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर तैनात गार्डों को दो या तीन दिन का रेस्ट दिया जा रहा है। जबकि बांदा स्टेशन पर गार्डों से अंडर रेस्ट काम कराया जा रहा है। ऐसे ही एक गार्ड ने स्टेशन प्रबंधक को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति जताई है। पत्र में लिखा कि अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो इसके लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा।
कोरोना काल में सीमित ट्रेनों का ही संचालन किया जा रहा है। पैसेंजर ट्रेनें भी नहीं चल रहीं हैं। ऐसे में गार्डों की ड्यूटी दो या तीन दिन में एक बार ही लग पा रही है। यह स्थिति झांसी व ग्वालियर में बनी हुई है, लेकिन बांदा में ऐसा नहीं है। बांदा स्टेशन पर तैनात गार्ड अंडर रेस्ट काम कर रहे हैं। नियमानुसार एक बार ड्यूटी से लौटने के बाद कर्मचारी की 16 से 18 घंटे के बाद ही ड्यूटी लगाई जा सकती है। बांदा में तैनात एक गार्ड ने स्टेशन अधीक्षक को पत्र लिखकर अवगत कराया कि उसकी ड्यूटी 12 घंटे 45 मिनट बाद ही दोबारा लगा दी गई। मेरा मकसद परिचालन में बाधा उत्पन्न करना नहीं है। कार्य के दौरान यदि किसी प्रकार की अनहोनी या दुर्घटना होती है तो अधिकारी यह न कह सहे कि तुमने ज्यादा माइलेज लेने के लिए अंडररेस्ट के बाद भी गाड़ी पर चले गए। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे की पहली प्राथमिकता संरक्षा व सुरक्षित रेल संचालन है। अगर किसी कर्मचारी की समस्या है तो उसके कारणों की जांच करवाई जाएगी।