झांसी में इस फर्जीवाड़े के भले खुलासा हो गया हो लेकिन, जालसाज ने दूसरे जिलों में कई लोगों को अपना शिकार भी बना लिया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद शुरू हुई पड़ताल में यह बात सामने आई कि जालसाज ने फर्जीवाड़ा करके पहले हाथरस के बसई में सेंट्रल बैंक शाखा में खाता खुलवाया।
इसके बाद इस खाते में एक हजार से लेकर दस हजार रुपये तक की रकम कई बार आरटीजीएस की गई। पैसा जमा होने के तुरंत बाद आगरा में एटीएम से यह राशि निकाल ली जाती थी। इस तरह जालसाज करीब बारह लाख रुपये का फर्जीवाड़ा कर चुका। एफआईआर के दर्ज होने के साथ ही खाते को भी सीज करा दिया गया हालांकि इसमें अधिक रकम नहीं है।