गुजरात से इंदौर ले आई थी मां
किशोरी की मां का विवाह गुजरात में हुआ था, लेकिन वह अपने पति से अलग रह रही थी। वह अपनी नाबालिग बेटी का विवाह करना चाहती थी, ताकि आर्थिक बोझ उस पर न पड़े। देवउठनी एकादशी पर साथ फेरे लेने के लिए दूल्हा बरात सहित झांसी से इंदौर आ गया था।
लौट आई बरात
झांसी निवासी दूल्हे ने बताया कि उसकी मां अक्सर बीमार रहती है। उसकी सेवा के लिए वह जल्दी शादी करना चाह रहा था, लेकिन प्रशासन के छापे के बाद बरात लौट गई। उड़नदस्ते को यह भी पता चला कि यह शादी एक महिला दलाल के माध्यम से तय हुई थी और वह भी विवाह में शामिल हुई थी।
पड़ोसी ने की थी शिकायत
किशोरी के साथ उसकी मां मारपीट भी करती है। किशोरी खुद शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन दबाव बनाकर उसकी शादी कराई जा रही थी। पड़ोसियों ने प्रशासन को नाबालिग होने के बावजूद किशोरी का विवाह करने की शिकायत की। इसके बाद बाल विवाह रोकने वाला उड़नदस्ता सक्रिय हो गया और शादी रुकवा दी।