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Jhansi: राज्यपाल बोलीं- शोध का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा, शिक्षकों पर सीसीटीवी कैमरे से रखें निगरानी

Thu, 28 Aug 2025 10:57 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने अयोध्या से संबंधित शोध का उदाहरण देते हुए कहा कि उद्देश्य और उनके परिणाम को जनता तक पहुंचने की आवश्यकता है। अयोध्या में प्रदूषण कम करने के विषय पर शोध हुआ मगर उस पर अमल नहीं हो सका।
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छात्र-छात्राओं को संबोधित करती राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार के लिए कदम उठाने की जरूरत बताई तो सामाजिक बुराइयों को दूर करने पर भी ओर दिया। कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए अन्यथा उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जानी याहिए। शिक्षकों की निगरानी के लिए कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए। उन्होंने अयोध्या से संबंधित शोध का उदाहरण देते हुए कहा कि उद्देश्य और उनके परिणाम को जनता तक पहुंचने की आवश्यकता है। अयोध्या में प्रदूषण कम करने के विषय पर शोध हुआ मगर उस पर अमल नहीं हो सका। वह बुधवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत
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समारोह को संबोधित कर रही थीं।

 

एनसीसी छात्र से मिलती राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
75 फीसदी उपस्थिति का नियम कड़ाई से हो लागू

राज्यपाल ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि छात्र पहले सेमेस्टर में नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहते हैं। किंतु बाद के वर्षों में उनकी उपस्थिति घटती जाती है। छात्रों को पढ़ाई और शोध के लिए समय नहीं मिलता है। ऐसे में 75 फीसदी उपस्थिति का नियम कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता है। वहीं शिक्षकों को भी अपने दायित्व को समझना होगा। उन्होंने कहा कि कई बार आवश्यकता से जादा शिक्षक होते हैं, के जबकि शिक्षकों का अनुपात छात्रों अनुसार होना चाहिए। राज्यपाल ने लैब अटेंडेंट पर भी सीसीटीवी से निगरानी को आवश्यक बताया।

 

मेधावी छात्र और राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
समारोह में कुलाधिपति ने मेंधावियों को दिए 79 पदक

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आंनदीबेल पटेल ने 46 छात्र-छात्राओं को 79 पदक प्रदान किये। इनमें से स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक दिए गए। वहीं विभिन्न शोधों के लिए 67 उपाधियां बांटी गईं । 37 हजार से ज्यादा यूजी-पीजी की डिग्रियां भी समारोह में प्रदान की गई है।

कुलाधिपति स्वर्ण पदक

ऋषिका द्विवेदी एमएससी कृषि

कुलाधिपति रजत पदक

ऋषिका द्विवेदी एमएससी कृषि, नैना कुमारी एमएससी फूड साइंस एंड टैक्नोलॉजी, अभिषेक कुमार एमए हिंदी गोस्वामी तुलसीदास राजकीय महाविद्यालय कर्वी चित्रकूट, अविरल द्विवेदी एमकॉम (पं. परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय जगम्मनपुर जालौन), साक्षी जैन एम. लिब इन्फोर्मेशन साइंस, पंकज पटेल एमए (एप्लाइड इकोनोमिक्स), मोरिसा गुप्ता एमबीए (बिजनेस इकोनॉमिक्स), मानसी निरंजन एमबीए, ऋषिका द्विवेदी एमएससी कृषि, मानसी राजपूत एमबीए (बैंकिंग एंड इश्योरेंस), कनिक्षा पाठक एमएसडब्ल्यू, अरिहंत जैन एमबीए (आईबी), अलीशा जवी एम. फार्मा कैंपस, सुशांतिका द्विवेदी एमएड अतर्रा पीजी कॉलेज बांदा, गौरांश कटियार एमसीए, रोली दुबे एलएलएम


कुलाधिपति कांस्य पदक

स्वाति गुप्ता बीएससी राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्ता महाविद्यालय चिरगांव, अनिषा यादव बीकॉम चंदन सिंह कन्या महाविद्यालय चिरगांव, सृष्टि मुखर्जी बीएससी कृषि (ऑनर्स) एसआर कॉलेज ऑफ अम्बावाय, मुस्कान गौतम बी.लिब इन्फोर्मेशन साइंस, अनन्या त्रिपाठी बीटेक कंप्यूटर साइंस, मोहिनी राजपूत बीए राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्ता महाविद्यालय चिरगांव, अर्पिता बीए राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्ता महाविद्यालय चिरगांव, निकिता बीए राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्ता महाविद्यालय चिरगांव, वासुदेव द्विवेदी बी. फार्मा, संध्या शर्मा एलएलबी डॉ. भीमराव आंबेडकर विधि महाविद्यालय गिरवा बांदा, स्नेहा दीक्षित बीएड अतर्रा पीजी कॉलेज बांदा, चिराग सिंघल बीबीए ऑनर्स, दीया अग्रवाल बीसीए ऑनर्स बीयू, हरिप्रिया बजाज बीएससी ऑनर्स, अर्जुन शर्मा बीपीएड भगवान आदिनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन महर्रा ललितपुर, प्राची यादव बीपीईएस, विधि बीए. एलएलबी पहलवान गुरुदीन विधि महाविद्यालय ललितपुर।





 

छात्रा से बात करती राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
पति शराबी न हो, यूनिवर्सिटी संकल्प कराये अध्यापक शराब न पीता हो

राज्यपाल ने बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि किसको पता नहीं है शराब से क्या होता है फिर भी... संकल्प करवाइए यूनिवर्सिटी में कोई अध्यापक ऐसा ना हो जो शराब पीता हो ना कोई ऐसा स्टूडेंट हो। खास तौर पर मैं बेटियों से कहूंगी आप अपने पति का सिलेक्शन करो तो वह शराब न पीता हो इसका विशेष ध्यान रखें। राजभवन में सुनते-सुनते तक जाती हूं लेकिन इस पर कोई चिंता नहीं कोई वर्कशॉप नहीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा अभियान चलाइए गांव जाइए यूनिवर्सिटी भी इस अभियान में शामिल हो। गांव के लोगों को शराब से होने वाले दुष्प्रभावों को बताकर जागरूक करिए।
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दीक्षांत समारोह में शामिल अतिथि - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में अधूरा रह गया प्रदूषण संबंधी शोध का उद्देश्य

राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न संस्थानों में होने वाले शोध का लाभ आम जन तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर्यटन के साथ प्रदूषण भी बढ़ा, इस पर शोध करके रिपोर्ट डीएम को दी गई। लेकिन यह रिपोर्ट नगर निगम तक समय पर नहीं पहुंची। परिणामस्वरूप समस्या का समाधान नहीं हुआ और शोध का उद्देश्य अधूरा रह गया। अब अयोध्या में राममंदिर की स्थापना के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इस वजह से वाहनों का प्रदूषण भी बढ़ गया है। इसी को लेकर शोध किया गया था। अब वह स्वयं अयोध्या जाकर पता करेंगी कि अब शोध के बाद क्या कदम उठाए गए हैं। इसके पहले उन्होंने कहा कि शोध केवल फाइलों में बंद नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनके आधार पर सुधारात्मक निर्णय होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार विश्वविद्यालयों में तीन-तीन साल शोध चलता है मगर परिणाम का सही उपयोग नहीं हो पाता है। शोध निष्कर्ष केवल दस्तावेज बनकर रह जाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत स्पेस टेक्नोलॉजी में वैश्विक पहचान बना रहा है। प्रदेश में पांच स्थानों पर डिफेंस केंद्र स्थापित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

 
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