रविवार को माता-पिता व पत्नी खेत पर गए थे। शाम को मां आई तो बेटे ने दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसी के घर से अपने घर में घुसी तो जगमोहन कमरे में फंदे पर लटका था। इसके बाद दरवाजा तोड़कर जगमाेहन को अस्पताल ले गए।
झांसी में खेती में नुकसान होने पर एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक साल पहले ही उसने बहन की शादी के लिए कर्ज लिया था, उम्मीद थी कि फसल होने पर वह कर्ज चुका देगा। लेकिन बारिश होने के कारण फसल भी खराब हो गई थी। इससे परेशान होकर किसान ने खौफनाक कदम उठाया है।
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मां आई तो कमरे में फंदे पर लटका था इकलौता बेटा
चिरगांव थाना क्षेत्र के जरयाई गांव निवासी जगमोहन दोहरे (36) पुत्र दीनदयाल खेतीबाड़ी करता था। चाचा उपेंद्र ने बताया कि जगमोहन ने पिछले साल अपनी बहन की शादी की थी। तब कर्ज लिया था। इसके बाद उसे उम्मीद थी कि फसल होने पर वह कर्ज चुका देता। लेकिन बारिश के कारण फसल खराब हो गई। अब कटाई हुई तो कम अनाज निकला।
रविवार को माता-पिता व पत्नी खेत पर गए थे। शाम को मां आई तो बेटे ने दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसी के घर से अपने घर में घुसी तो जगमोहन कमरे में फंदे पर लटका था। इसके बाद दरवाजा तोड़कर जगमाेहन को अस्पताल ले गए। वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर आए तो डॉक्टर ने जगमोहन को मृत घोषित कर दिया।
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घर में मचा कोहराम
जगमोहन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। जगमोहन की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। मां गुड्डी और पत्नी मीनू बेहोश हो गई। जगमोहन के छोटे-छोटे दो बच्चे हैं। 11 साल की बेटी मांडवी और 9 साल का बेटा आदित्य पढ़ते हैं।