जीएसटी पंजीयन में फर्जीवाड़े लगातार पकड़े जा रहे हैं। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लिए गए पंजीयन में अधिकांश मामले बिजली के बिल के सामने आए हैं। विभाग ने अब इसकी पकड़ के लिए तैयारी की है। बगैर सत्यापन के पंजीयन नहीं किया जाएगा।
जीएसटी पंजीयन लेने के लिए व्यापार स्थल का प्रमाण देना होता है। इसके लिए लिए बिजली के बिल जालसाजों के लिए सबसे आसान चीज बन गए हैं। घरों के बाहर लगे मीटर का नंबर नोट कर कार्यालय से डुप्लीकेट बिल निकलवा लिया जाता है। फिर उसमें नाम बदलकर रजिस्ट्रेशन के लिए जीएसटीएन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है। तीन दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन मिल जाता है। पंजीयन में जालसाजी की शिकायतें जीएसटी मुख्यालय तक पहुंचीं। इसकी जांच के लिए रेकी अभियान चलाया गया। एक माह तक चलाए गए इस अभियान में फर्माें की जांच की गई। करीब 20 फर्में ऐसी पाई गईं, जिनके पंजीकरण में दस्तावेज कूटरचित तैयार कर लगाए गए। अधिकांश में पते के लिए बिजली का बिल उपयोग किया गया।