झांसी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मध्य प्रदेश के दतिया जिले में उत्तर प्रदेश के बार्डर चिरुला पर हरिद्वार कुंभ से लौटने वालों की जांच की जा रही है। हालांकि दो दिन से चल रहे अभियान के दौरान अब तक एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं आया जो हरिद्वार से आया हो।
चिरुला बार्डर पर यात्रियों की चेकिंग के लिए एसआई बुधना राय, एएसआई डीपी बघेल कांस्टेबल तुलसाराम, तीन शिक्षक महेश वंशकार, अरविंद खरे, बृजपाल सिंह, दो पटवारी शत्रुघ्न उज्जैनिया और गोविंद की ड्यूटी लगाई गई है। कोई भी व्यक्ति यदि बिना मास्क लगाए जा रहा है तो उसे रोक लिया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है और रजिस्टर में पता अंकित किया जा रहा है। टैपों में सवारियाें की चेकिंग हो रही है। खासकर यदि कोई व्यक्ति हरिद्वार से आ रहा है तो उसे रोककर जांच कराने के बाद उसे एक सप्ताह क्वारंटीन करने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।
एएसआई डीपी बघेल ने बताया कि हरिद्वार से आए लोगों की चेकिंग हो रही है। यदि कोई व्यक्ति कुंभ से लौट रहा है तो उसे एक सप्ताह के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
ऑटो में भरकर जा रहे थे बेटी के लिए रिश्ता तय करने
एक तरफ कोरोना अपना दायरा बढ़ा रहा है तो दूसरी तरफ लोगों को बेटियों के विवाह की चिंता है। दरअसल, एक ऑटो में प्रीतमपुरा गांव के लोग बैठकर दतिया जा रहे थे। हालांकि, सभी मास्क लगाए थे। लेकिन ऑटो में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा था। बार्डर पर जब उन्हें रोककर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि बेटी का रिश्ता तय करने जा रहे हैं। बार- बार आना- जाना न पड़े, इसलिए एक ही बार में तिलक आदि की रस्में पूरी कर आएंगे। जब सच्चाई पता लगी तो पुलिस ने उन्हें जाने दिया।