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भोजला मंडी में फैली अव्यवस्था: पीने को पानी नहीं, शौचालय में लटके ताले, चूहों ने कर दिया दुकानों का फर्श खोखला

Sun, 12 Oct 2025 09:34 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

बारिश में दुकानों की छत से पानी टपकता है तो दुकानों के फर्श को चूहों ने खोखला कर दिया है। मंडी में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। शौचालयों पर भी ताले लटके हैं। कई स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं तो कुछ बिजली के खंभे पर बत्ती ही नहीं है।
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मंडी के अंदर लगा बोर्ड झाड़ियों में दबा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत निर्मित भोजला मंडी में फैली अव्यवस्थाओं से व्यापारी परेशान हैं। नियमित सफाई न होने से जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। वहीं, झाड़ियों का कटान न होने से मंडी परिसर जंगल की तरह लग रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बारिश में दुकानों की छत से पानी टपकता है तो दुकानों के फर्श को चूहों ने खोखला कर दिया है। मंडी में लगे निशुल्क पानी की सुविधा नहीं मिल रही है। शौचालयों पर भी ताले लटक रहे हैं। कई स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं तो कुछ बिजली के खंभे पर बत्ती ही नहीं है।
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बदहाल निशुल्क प्याऊ की सुविधा - फोटो : संवाद
पेयजल तक नहीं मिल रहा

शासन ने मंडी व्यापारियों को अधिक सुविधाओं देने के लिए उन्नाव-बालाजी रोड स्थित गांव भोजला में विशिष्ट मंडी का निर्माण 2014 में शुरू कराया था। मंडी में तीन श्रेणियों में दुकानों का आवंटन किया गया। व्यापारियों के अलावा पल्लेदार एवं मुनीम एसोसिएशन के नेताओं ने बताया कि पिछले करीब सात साल से मंडी स्थायी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बारिश में अधिकांश दुकानों की छत से पानी टपकता है। नियमित सफाई न होने से जगह-जगह गंदगी फैली पड़ी है। मंडी में माल बेचने के लिए आने वाले किसानों और दुकानदारों के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं है। सफाई न होने की शिकायत करने पर अफसरों ने शौचालय में ताले डाल दिए।

न कैंटीन संचालित है, न फेशिलिटी भवन का उपयोग

मंडी में ए श्रेणी की 36, बी श्रेणी की 40 एवं सी श्रेणी की 48 दुकानें हैं। वर्तमान में करीब 174 दुकानों में 164 का आवंटन किया गया है। वर्तमान में इनका उपयोग हो रहा है। इसके विपरीत विशिष्ट मंडी में अतिरिक्त फेशिलिटी भवन, कैंटीन के अलावा अन्य भवनों का निर्माण किया गया है लेकिन इनमें से किसी का उपयोग न होने से सभी भवन झाड़ियों से पटे पड़े हैं।

 
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मंडी के अंदर बने शौचालय में लटके ताले - फोटो : संवाद
बयां किया दर्द

गल्ला मंडी व्यापारी अध्यक्ष अतीत राय ने बताया कि भोजला मंडी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। पीने के लिए व्यापारियों को बाहर से पानी मंगाना पड़ता है। कर्मचारियों और लेबर के लिए बने शौचालय गंदे पड़े हैं। इसका लोग इस्तेमाल तक नहीं कर सकते। झाड़ियों से जहरीले कीड़े निकलते हैं। कई शिकायत के बाद अफसर फंड न होने की बात कहकर समस्या टाल देते हैं।

गल्ला मंडी मुनीम वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश साहू ने बताया कि चूहों ने गल्ला मंडी में दालान से लेकर दुकान के अंदर का फर्श खोखला कर दिया है। इतना ही नहीं, किसानों का माल आने के बाद चूहों का आतंक इतना बढ़ जाता है कि बोरे आदि काटकर माल खा जाते हैं। मंडी में न किसानों को सुविधाएं मिल रही हैं, न व्यापारियों को।

मंडी सचिव बबलू कुमार का कहना है कि विशिष्ट मंडी भोजला में चूहों की समस्याओं को लेकर मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया है। पेयजल को लेकर 10 वॉटर कूलर की व्यवस्था है। नियमित सफाई होती है। अध्यक्ष की संस्तुति पर सफाई ठेकेदार का भुगतान किया जा रहा है। शौचालय में ताला डला है, इसकी जानकारी की जाएगी। झाड़ियों की सफाई जल्द कराई जाएगी।



मंडी में अव्यवस्थाओं की तस्वीरें...
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