खाद की 233 बोरियों के गबन के आरोप में बी पैक्स मऊरानीपुर समिति के सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। किसानों की शिकायत के बाद हुई जांच में गड़बड़ी सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है।
सहकारी समिति पर सोमवार को 500 बोरी खाद वितरण के लिए आई थी। रोस्टर के अनुसार ग्राम बड़ागांव व रौनी के किसानों को खाद दी जानी थी। सूची के अनुसार किसानों को खाद दी जा रही थी, लेकिन शाम को सूची के अतिरिक्त किसानों को खाद दी गई। यह शिकायत किसानों ने उपजिलाधिकारी से की। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम नायब तहसीलदार ने अमित कुमार मुद्गल को जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान कई बोरियों का ब्योरा नहीं मिल सका। समिति स्टाफ भी इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
इस पर नायब तहसीलदार ने रात 8 बजे सहकारी समिति पर ताला लगा दिया और दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। साथ ही इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी अखिलेश कुमार, एडीओ कोऑपरेटिव कौशलेंद्र सिंह चौहान व नायब तहसीलदार अमित कुमार मुद्गल सहकारी समिति जांच करने पहुंचे। यहां पर स्टॉक को देखा गया। यहां वितरित बोरियों और उपलब्ध स्टॉक की मिलान की गई। खासी संख्या में खाद की बोरियों का ब्योरा नहीं मिल पाया।
इस पर अपर जिला सहकारी अधिकारी अखिलेश कुमार ने मऊरानीपुर थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर मऊरानीपुर थाना पुलिस ने बी पैक्स समिति के सचिव राजीव चतुर्वेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन पर डीएपी की 233 बोरियों को खुर्द-बुर्द कर 13,15,187 रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है।