बीकेडी प्रबंध तंत्र ने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. बृजेन्द्र सिंह बौद्ध की सेवा समाप्त का फैसला लिया है। उन पर शिक्षक आचार संहिता के उल्लंघन, अमर्यादित आचरण आदि के आरोप लगाए हैं। प्रबंधतंत्र ने फैसला अनुमोदन के लिए बीयू कुलपति के पास भेज दिया है।
कॉलेज प्रबंधक मनोहर लाल बाजपेयी ने बताया कि प्रो. बौद्ध कई वर्ष से शिक्षक आचार संहिता के तहत अनुशासनहीनता कर रहे थे। इनके खिलाफ प्रबंध समिति ने जांच कराकर कार्रवाई की। उन्होंने दोबारा अनुशासनहीनता की। शैक्षणिक वातावरण को ध्वस्त करने, शिक्षण कार्य में रुचि न लेने, कोर्स के विपरीत प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षा के दौरान केंद्र से बाहर जाने जैसी अनुशासनहीनता की। प्रबंधतंत्र ने 23 जनवरी 2025 में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। प्रारंभिक जांच में दोषी मिलने पर उन्हें पांच जून को निलंबित कर दिया।
अंतिम जांच प्रो. विजय कुमार राय प्राचार्य गांधी स्मारक त्रिवेणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय आजमगढ़, प्रो. ऋषिकेश सिंह प्राचार्य श्री कृष्ण गीता राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय आजमगढ़ तथा डॉ. राजकुमार सोनकर केजीके स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुरादाबाद से कराई गई। समिति ने उनसे जवाब मांगा तो निरर्थक, जवाब दिए। जांच अधिकारी पर ही आरोप लगाए। इस पर 29 सितंबर को प्रबंधतंत्र की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से प्रो. बौद्ध की सेवा समाप्त का प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रबंधक ने बताया कुलपति अनुमोदन नहीं करते हैं, तो कोर्ट की शरण लेंगे। वहीं, प्रो. बौद्ध का कहना है कि प्रबंधक बीयू से अनुमोदित नहीं है। वह तथाकथित प्रबंधक हैं। जब तक अनुमोदित नहीं होंगे तब तक फैसला मान्य नहीं है।