झांसी। आजादी के बाद से लेकर अब तक झांसी- बबीना पेयजल योजना के संचालन का जिम्मा जलनिगम की ग्रामीण इकाई के पास था, लेकिन विभाग के बंटवारे के बाद अब इस पेयजल योजना का भी बंटवारा कर दिया गया है। यह योजना उप्र जलनिगम नगरीय को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके हस्तांतरण के बाद यहां तैनात कर्मचारियों का विभाग बदल दिया गया है। अचानक किए गए इस ट्रांसफर से पेयजल योजना गड़बड़ाने के आसार हैं।
झांसी - बबीना पेयजल योजना (45 एमएलडी) और झांसी आवर्धन पेयजल योजना (110 एमएलडी) अब तक जलनिगम की ग्रामीण इकाई की देखरेख में थी। यदि पानी की आपूर्ति में कोई खराबी आती थी या कहीं पाइप लाइन टूट जाती थी, तो जलनिगम इकाई तत्काल इसकी मरम्मत कराती थी और पेयजल की आपूर्ति सुचारु कराती थी। लेकिन, पिछले दिनों हुए जलनिगम के बंटवारे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि बबीना पेयजल योजना भी नगरीय इकाई को हस्तांतरित की जा सकती है।
इसी क्रम में शासन के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण करने के आदेश पारित कर दिए। इसी के साथ पेयजल योजना पर काम कर रहे कर्मचारियों को भी हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उप्र जल निगम नगरीय के परियोजना प्रबंधक हिमांशु नेगी और उप्र जलनिगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह ने हस्तांतरित प्रक्रिया पर हस्ताक्षर कर दिए।
गड़बड़ा सकती है व्यवस्था
पेयजल योजना हस्तांतरण के बाद एक सप्ताह का समय कर्मचारियों और अवर अभियंताओं एपी दीक्षित, नितेश प्रताप सिंह, विजेंद्र जोशी, पंकज चावला, शशि कुमार यादव, रजनेश कुमार साहू, भावना राज सिंह और 21 कर्मचारियों जिनमें फिटर, हेल्पर, बेलदार, वर्क एजेंट, पेट्रोल मैन, माली आदि शामिल हैं, इनको भी अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह ने एक सप्ताह में नई जिम्मेदारी संभालने को कहा है। ऐसे में पानी की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। क्योंकि, नगरीय इकाई में कर्मचारियों की कमी और नई जिम्मेदारी संभालने के बाद कर्मचारियों को काम समझने में दिक्कत आ सकती है।