बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के एक्टिवेशन एरिया के विकास के लिए 497.48 करोड़ रुपये की शासन ने मंजूरी दे दी है। यहां आधारभूत औद्योगिक विकास के लिए अटल इंडस्टि्रयल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्वीकृति मिली है। योजना के लागू होने से बीडा क्षेत्र में निवेशकों के लिए प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं विकसित होंगी। फिर उद्योग स्थापित करना आसान होगा।
झांसी के 33 गांवों में ली जाने वाली 62,599 एकड़ भूमि पर इस अत्याधुनिक औद्योगिक शहर को विकसित किया जाना है। बीडा की शुरुआत डगरवारा, राजापुर और बमेर में 2320 एकड़ में बनने वाले एक्टिवेशन एरिया से की जानी है। बताया गया कि एक्टिवेशन एरिया के विकास के लिए बजट की मंजूरी मिलने के बाद अब यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी और 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनेगा। पर्याप्त पानी के लिए 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता की पेयजल आपूर्ति प्रणाली तैयार होगी। आंतरिक सड़क नेटवर्क विकसित होने से माल या कच्चा माल का परिवहन आसान होगा। बारिश या अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और सीवर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। बिजली, दूरसंचार और अन्य सेवाओं की लाइनें व्यवस्थित ढंग से डालने के लिए यूटिलिटी डक्ट बनेगी। इसके अलावा फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और हरित पट्टी भी विकसित की जाएगी।
ये है प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाओं से आशय
प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाओं से आशय है कि उद्योग लगाने के लिए जरूरी लगभग सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से तैयार हों। ऐसे में निवेशकों को केवल अपनी मशीनें लगाकर उत्पादन शुरू करना होता है। सड़क, बिजली या पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में समय नहीं गंवाना पड़ता है।
इन औद्योगिक अवसंरचनाओं का होगा विकास
भव्य मुख्य प्रवेश द्वार
33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र
एकीकृत आधुनिक सड़क नेटवर्क
जलापूर्ति नेटवर्क और ओवरहेड टैंक
आधुनिक प्रशासनिक भवन और बिजनेस सेंटर
132 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं संबद्ध पारेषण लाइन
30 एमएलडी क्षमता की आधुनिक पेयजल आपूर्ति प्रणाली
यह स्वीकृति बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास का नया इंजन बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। यह निवेश, रोजगार और समावेशी आर्थिक विकास के नए अध्याय की शुरुआत है। परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद बीडा आधुनिक, सुव्यवस्थित और निवेश अनुकूल औद्योगिक अवसंरचना के साथ यूपी के प्रमुख औद्योगिक गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।
- संजय खत्री, सीईओ, बीडा।