झांसी दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को भी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के निशाने पर योगी सरकार रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को स्वीकार करना होगा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार है, तभी कानून व्यवस्था में सुधार होगा। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर हमला बोलते हुए कहा कि वह डिप्टी सीएम नहीं , बल्कि नौकरी कर रहे हैं। वह अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकते, नौकरी करनी है तो मुखिया की भाषा बोलनी पड़ेगी।
इसके अलावा अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर सहित अन्य जिलों की घटनाएं बताती हैं कि कानून व्यवस्था के हालात क्या हैं। प्रदेश की सरकार को मानना पड़ेगा कि उनके राज में भ्रष्टाचार चरम पर है, पुलिस वसूली में लिप्त है। केशव मौर्य के सवाल पर कहा कि मौर्य जानते हैं कि वह पिछड़ों को न्याय नहीं दिला सकते, ज्यादा बोलेंगे तो अभी उनका विभाग छिना है, फिर कुर्सी भी छिन जाएगी। अखिलेश ने कहा कि सरकार बुनियादी मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार नहीं है। व्यापारी दुखी हैं, अब उन्होंने सरकार को सबक सिखाने का मन बना लिया है।