मोंठ। निकटवर्ती ग्राम छपार में एक गढी की खुदाई के दौरान एक प्राची मूर्ति निकलने पर लोगों का हुजूम लग गया। ग्रामीण मूर्ति की पूजा पाठ करने में जुट गये। लोग मूर्ति को लेकर तरह-तरह के दाबे कर रहे हैं। इतिहासकारों के मुताबिक खुदाई में निकली मूर्ति किसी भवन का प्राचीन स्तम्भ है। फिलहाल गाँव में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ के गाँव बंजारीपुरा के कुछ लोग आए और उन्होंने गाँव की गढी जो मिट्टी की बनी हुयी है उसमें 7-8 फुट नीचे खुदाई की और खुदाई के दौरान एक पिलर निकला। जिसमें कुछ मूर्तियाँ बनी हुयी थीं। बाहर से आये लोगों में एक व्यक्ति जिसने अपना नाम शिवराज सिंह बताया। उसने कहा कि ये मूर्ति उसके पूर्वजों की है और पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए किसी के बताने पर वह यहां खुदाई करने आए और उन्होंने वहां पर पाठ पूजा शुरू कर दी। देखते ही देखते वहां पर काफी भीड बढ़ गई। पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। जिस जगह खुदाई हुई वह गाँव का एकान्त क्षेत्र पड़ता है।
-इतिहासकार डॉ चित्रगुप्त ने बताया कि खुदाई में निकली मूर्ति करीब 9 से 11 वीं सदी की प्रतीत होती है, यह किसी प्राचीन भवन, जो किला अथवा मंदिर भी हो सकता है, का अवशेष है। यह भवन का द्वार शाखा का स्तम्भ है जिसमें नीचे मकर वाहिनी गंगा जी को मूर्ति रूप में बनाया गया है, साथ में नीचे मकर और जल लहरों को भी उकेरा गया है, इस मूर्ति का इस स्थान से प्राप्त होना इस क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व को दर्शाता है। प्राचीन काल में इस क्षेत्र में नागवंशी, मित्र वंशी, चंदेल वंश इत्यादि वंश का राज्य रहा है, संभवत: यह स्थान किसी नगर के अवशेष को दर्शाता है, इस पुरातात्विक अवशेष के आकार को देख कर लगता है कि प्राचीन काल के किसी भव्य भवन के द्वार को यह सुशोभित करता होगा। अगर इस जगह- की खुदाई की जाये तो यहां पर अन्य पिलर या भवन के अवशेष भी प्राप्त होने की उम्मीद है।