रेलवे के पश्चिम क्षेत्र में स्थित बुकिंग कार्यालय से बीते रोज पकड़े गए टिकट दलाल के बाद अब क्राइम ब्रांच की टीम ने आरक्षण लिपिक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। विभागीय अफसरों की माने तो पकड़े गए टिकट दलाल के अलावा एक सक्रिय दलाल की भूमिका को लेकर भी आरपीएफ की सीआईबी टीम सक्रिय है। वहीं वाणिज्य विभाग के अफसरों ने भी गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
मंडल रेलवे के सिंहपुर ढूमरा, अतर्रा, दतिया के अलावा पश्चिम क्षेत्र बुकिंग कार्यालय में आरपीएफ सीआईबी टीम की छापामार कार्रवाई से आरक्षण कार्यालय में सक्रिय दलालों में खलबली मची हुई है। आरपीएफ की सीआईबी टीम ने मंगलवार सुबह आरक्षण कार्यालय में तत्काल टिकटों की बुकिंग के दौरान प्रेमनगर थाना क्षेत्र के महावीरनपुरा नगरा निवासी मनोज मिश्रा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एसी थर्ड का तत्काल टिकट बरामद हुआ। दलाल ने यह टिकट नौ जुलाई के लिए अहमदाबाद एक्सप्रेस का जारी कराया था।
पकड़े गए टिकट दलाल से पूछताछ में आरक्षण लिपिक की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में सीनियर डीसीएम को भी साक्ष्यों सहित पत्र जारी किया है। सीनियर डीसीएम अमन वर्मा ने बताया कि अभी क्राइम ब्रांच का कोई पत्र नहीं मिला है। लेकिन आरक्षण टिकटों की दलाली में कोई भी कर्मचारी शामिल है तो उसे छोड़ा नही जाएगी। विभाग की संदिग्ध लिपिकों की गोपनीय जांच करा रहा है। संलिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
टोकन रोस्टर की होगी जांच, खुलेंगे राज
सीनियर डीसीएम अमन वर्मा ने बताया कि पिछले एक माह में तत्काल टिकटाें को लेकर जारी हुए टोकन रोस्टर की जांच कराई जाएगी। जिससे चिंहित हो सके कि कौन ऐसा व्यक्ति है, जो लगातार तत्काल टिकटों को बनवाता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बुकिंग कार्यालय में पहले से ही शिकायत मिल रही थी, इसको लेकर वाणिज्य विभाग की टीम सक्रिय थी। इसको लेकर कार्रवाई कराई गई है। उन्होंने बताया कि अभी और भी निशाने पर है।