अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विधानसभा चुनाव से पहले बुंदेलखंड में जातिगत फॉर्मूले को साधने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव चला है। जमुना कुशवाहा का कद (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) बढ़ने के पीछे पार्टी द्वारा कुशवाहा वोटरों को साधने की रणनीति बताई जा रही है। दूसरी तरफ, झांसी में भी जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़कर 14 पहुंच गई है।
लोकसभा चुनाव में इस बार बुंदेलखंड में भाजपा से तीन सीटें छिन गई हैं। ऐसे में पार्टी का फोकस विधानसभा चुनाव से पहले सभी जातिगत समीकरणों को फिट करने पर है। झांसी में अब तक भाजपा के 13 जनप्रतिनिधि थे। इसमें सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, चार विधायक और चार एमएलसी के अलावा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष शामिल हैं। अब जमुना प्रसाद कुशवाहा के उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति/अध्यक्ष बन जाने के बाद जनप्रतिनिधियों की संख्या 14 पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि झांसी समेत आसपास के जिलों में कुशवाहा मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। ऐसे में जमुना को दायित्व देकर पार्टी ने इस वर्ग में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।
लगातार पांच साल जिलाध्यक्ष रहे हैं जमुना
जमुना कुशवाहा 2018 से 2023 तक लगातार पांच साल जिलाध्यक्ष रहे हैं। वह लंबे समय पार्टी से जुड़े हैं। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, जिला मंत्री, किसान व युवा मोर्चा के जिला महामंत्री समेत कई पदों पर रह चुके हैं।