झांसी। जलसंस्थान द्वारा महानगर के 150 व्यापारियों पर 17 करोड़ रुपये की निकाली गई बकायादारी पर हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज करने के बाद अब वसूली में तेजी आ गई है। अब तक 74.37 लाख रुपये वसूली हो चुकी है। महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने कहा कि वसूली अभियान और तेज किया जाएगा।
जलसंस्थान ने महानगर के 150 प्रतिष्ठानों की रिकवरी (आरसी) जारी की थी। इसको लेकर व्यापारियों में रोष था। उनका तर्क था कि नलों का कनेक्शन नहीं है, फिर भी बकायेदार बना दिया गया। जबकि, विभाग का कहना था कि शासनादेश है कि यदि किसी के प्रतिष्ठान से सौ मीटर की दूरी से पाइप लाइन निकली है तो उसे जलकर देना अनिवार्य है, भले ही कनेक्शन हो या नहीं। इसको लेकर व्यापारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद भी वसूली में तेजी नहीं आने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस पर राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग और जल संस्थान की दो टीमों का गठन किया गया।
शनिवार को टीमों ने 150 बकाएदारों के यहां दबिश दी और कुछ बकाएदारों को तहसील झांसी में ले जाया गया। यह देख मौके पर चार व्यापारियों ने 2.71 लाख रुपये जमा कर दिए। रविवार को टीमों ने पांच बकायेदारों से 5.62 लाख रुपये मौके पर वसूल किया। इस प्रकार 42 बकायेदारों से अब तक 74.37 लाख रुपये वसूल किए गए। अभियान के दौरान नायब तहसीलदार ने चेतावनी दी है कि अपना- अपना बकाया जलमूल्य / जलकर अतिशीघ्र जमा कर दें। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने कहा कि जो भी व्यापारी जलकर के बकायेदार हैं, वह अपना बकाया जमा कर दें और बेवजह की परेशानी से बचें।