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जलसंस्थान ने टैंकर भेजने से खींचे हाथ, गर्मी में झेलना पड़ सकता है पानी की भीषण संकट

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झांसी। शहर में वर्षों से पानी का संकट झेल रहे उन लोगों को अबकी साल पानी की भीषण समस्या हो सकती है, जो जलसंस्थान से आने वाले टैंकरों के ही सहारे हैं। असल में बजट का रोना रो रहे जलसंस्थान के अधिकारियों ने इस वर्ष लोगों के लिए पानी के टैंकरों की व्यवस्था से हाथ खींच लिए हैं। अधिकारियों ने डीएम को पत्र लिखकर साफ कह दिया है कि नगर निगम और नगर पंचायतों द्वारा इलाकों में पानी मुहैया कराने की व्यवस्था की जाए। वहीं, नगर निगम के आला अधिकारी बोल रहे हैं कि उनके विभाग ने इस मसले पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। इस पर 10 मार्च के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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झांसी शहर की आबादी करीब छह लाख है। यहां ऊंचे इलाकों समेत आधे से ज्यादा शहर में जलसंस्थान वर्षों से लोगों की प्यास बुझाने के लिए टैंकरों का सहारा लेता है। ये टैंकर पानी लेकर सुबह-शाम इलाकों में दौड़ लगाते हैं। तब कहीं जाकर लोगों को कुछ पानी मिल पाता है, इसके बाद भी हाय तौबा मची रहती है।
लेकिन पिछले तीन साल से बजट की कमी के कारण टैंकर संचालकों का पैसा नहीं मिल पाया है। इस कारण टैंकर संचालकों की करीब छह करोड़ से ज्यादा की धनराशि विभाग पर उधार चल रही है। ऐसे में अबकी साल जलसंस्थान ने टैंकरों के संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग ने इस संबंध में डीएम को पत्र लिखकर नगर निगम व नगर पंचायतों से टैंकरों के संचालन कराने की अपील की है। ताकि जनता को गर्मी में भीषण पेयजल संकट न झेलना पड़े।
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रात-रात भर जागकर टैंकरों की राह देखते हैं लोग
गर्मियों में कई इलाकों में लोगों को रात-रात भर जागकर पानी के टैंकरों का इंतजार करना पड़ता है। हैंडपंपों का जलस्तर भी गिर जाता है। ऐसे में लोगों के पास जल संस्थान के टैंकरों से मुहैया कराए जाने वाले पानी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है। हर बार महानगर के 36 से अधिक मोहल्लों के लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है। जनता को पानी पहुंचाने के लिए जलसंस्थान के पास शासन से बजट आता है। लेकिन तीन साल से धनराशि नहीं मिली है। इस कारण टैंकर संचालकों का तीन साल से भुगतान नहीं किया जा सका है। भुगतान न होने की वजह से टैंकर संचालक कई बार हड़ताल भी कर चुके हैं।
इन मोहल्लों में है पानी की भीषण किल्लत
करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कालोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज समेत कई छोटी कॉलोनियों में पानी की समस्या है।
शहर में 400 चक्कर लगाते हैं टैंकर
जलसंस्थान के पास इस समय 30 टैंकर हैं। वहीं, गर्मियों में पानी की आपूर्ति के लिए शहर में तकरीबन 400 चक्कर प्रतिदिन लगाए जाते हैं। जिससे 1.6 एमएलडी पानी झांसी को एक दिन के अंदर दिया जाता है। इस हिसाब से एक माह में 48 एमएलडी पानी टैंकरों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है।
आंकड़ों में शहर
-कुल आबादी छह लाख
-वार्ड की संख्या 60
-घरेलू जल कनेक्शन 47 हजार
-हैंडपंपों की संख्या 3286
-टंकियों की कुल संख्या 13
नलकूपों की संख्या 29
गर्मियों के लिए हैंडपंपों की मरम्मत और मोटर पंप बदलने आदि के कार्य जलसंस्थान द्वारा कराए जा रहे हैं, लेकिन पानी के टैंकरों के संचालन के लिए इस बार डीएम को पत्र लिखकर नगर निगम और नगर पंचायतों द्वारा इलाकों में पानी मुहैया कराने की मांग की गई है। - आरएस बादलीवाल, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान।
जलसंस्थान द्वारा डीएम को पत्र लिखा गया था, इसकी कॉपी मेरे पास भी आई है। अभी चुनाव के कारण इस पर निर्णय नहीं हो पाया है। 10 मार्च के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। - अवनीश राय, नगर आयुक्त
टैंकर नहीं आते तो पानी के लिए घर से दूर लगे हैंडपंप तक जाना पड़ता है। वृद्धों के लिए अधिक मुश्किल होती है। - इरफान मकरानी, अलीगोल।
क्षेत्र में पानी की समस्या पिछले कई साल से झेल रहा हूं। अब टैंकरों से पानी व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो और बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। - गौरव, इलाइट चौराहा।
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