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Jhansi News: फर्जी गुरु की गारंटी में फंसे निवेशकों ने गंवा दिए लाखों

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हैं। झांसी में एक सप्ताह के दौरान साइबर थाने में ऐसे चार मामले दर्ज हुए हैं। सभी मामलों में जालसाजों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ ''''गुरु'''' बताकर या फर्जी निवेश समूहों से जोड़कर लोगों को शिकार बनाया। कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में पीड़ित अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, जबकि साइबर विशेषज्ञ लोगों को लालच और भय से बचने की सलाह दे रहे हैं।

केस-1 : 51.50 लाख रुपये की ठगी
खाती बाबा के दिलदार नगर निवासी अनिल कुमार सिंह से साइबर जालसाजों ने 51.50 लाख रुपये ठग लिए। वर्तमान में नोएडा में रह रहे अनिल को व्हाट्सएप पर निवेश संबंधी लिंक भेजा गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें कथित आईआईएफएल स्टॉक मार्केट एलिट सर्किल नामक ग्रुप से जोड़कर एप डाउनलोड कराया गया।
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21 अगस्त से 16 सितंबर के बीच उनसे विभिन्न खातों में 51.50 लाख रुपये जमा कराए गए। एप पर लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन रकम निकालने की कोशिश करते ही उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया। बाद में उन्हें ग्रुप से भी हटा दिया गया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में साइबर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

केस-2 : कारोबारी से सात लाख रुपये ठगे
सीपरी बाजार के प्रेमगंज निवासी कारोबारी अरुण कुमार खरे को फेसबुक मैसेंजर के जरिये व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और खरीद-फरोख्त से भारी मुनाफे का दावा किया जाता था।
झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से कुल सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन बाद जब उन्होंने रकम निकालनी चाही तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बाद उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया और उन्हें ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया। शिकायत पर साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

केस-3 : इंस्टाग्राम दोस्ती के बाद युवती से 8.89 लाख की ठगी
मेंहदीबाग निवासी संजय राजपूत की पुत्री की इंस्टाग्राम पर न्यू रेलगंज निवासी यश शर्मा नामक युवक से दोस्ती हुई। युवक ने खुद को शेयर मार्केट का जानकार बताकर ट्रेडिंग में निवेश पर मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया। 25 जुलाई से 10 अक्तूबर 2025 के बीच युवती से विभिन्न बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से 14.20 लाख रुपये जमा कराए गए। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने 5.31 लाख रुपये वापस भी भेजे। बाद में रकम लौटाने की मांग पर वह बहाने बनाने लगा और अतिरिक्त धन जमा कराने का दबाव डालने लगा। पीड़िता के पिता की तहरीर पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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इनसेट
लालच और डर से बचें, साइबर ठगी से बचेंगे
साइबर विशेषज्ञ डॉ. राजीव त्रिपाठी के अनुसार साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन थोड़ी सतर्कता से इनसे बचा जा सकता है। उनका कहना है कि साइबर दुनिया में सबसे बड़ा हथियार लालच और भय है। यदि लोग इन दोनों से बचें तो अधिकांश साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकते हैं।

बरतें ये सावधानियां
- व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी लिंक पर तुरंत भरोसा न करें।
- किसी भी निवेश योजना या ऐप की प्रामाणिकता जांचने के बाद ही निवेश करें।
- कम समय में अधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सतर्क रहें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी खाते में रुपये ट्रांसफर न करें।
- बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वालों की बातों पर तुरंत विश्वास न करें।
- स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें।
- बैंक खाता, कार्ड, पासवर्ड या ओटीपी की जानकारी किसी से साझा न करें।
- ठगी की आशंका होने पर तत्काल बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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