मेडिकल कॉलेज के पास लगे होर्डिंग जो शहर की खूबसूरती विगाड़ रहे हैं।
झांसी। महानगर के चौराहों की सुंदरता को अवैध होर्डिंग्स बिगाड़ रहे हैं। इलाइट चौराहा, बीकेडी, कचहरी चौराहे समेत अन्य चौराहों को होर्डिंग्स से पाट दिया गया है। ऐसा कोई मार्ग नहीं है, जहां सड़क किनारे आड़े- तिरछे और बांस- बल्लियों पर शुभकामनाएं देते नेताओं के होर्डिंग्स न लगे हों। जबकि , निगम ने होर्डिंग्स लगाने के लिए तीन सौ स्थान निर्धारित किए हैं। साल में लाखों रुपये के राजस्व की चपत लगने के बाद भी नगर निगम इस ओर बेपरवाह है।
महानगर क्षेत्र में प्रचार सामग्री (होर्डिंग) लगाने के लिए नगर निगम ने 300 स्थान निर्धारित किए हैं। नगर निगम की ओर से 10 से अधिक एजेंसियों को होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई है। नियमों के मुताबिक पंजीकृत एजेंसी को निर्धारित स्थल पर ही होर्डिंग लगाने के निर्देश हैं। साथ ही होर्डिंग पर एजेंसी का नाम, संख्या और मोबाइल नंबर अंकित करना होता है। लेकिन महानगर में नियमों को ताक पर रखकर होर्डिंग्स लगा दिए गए हैं। इलाइट चौराह, सीपरी बाजार, झोकन बाग, बस स्टैंड, ग्वालियर मार्ग, कोतवाली के आसपास अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। अधिकांश होर्डिंग्स मानकों के विपरीत बांस बल्लियों के सहारे टंगे हैं। जबकि महाविद्यालयों के आसपास भी होर्र्डिंगों का अंबार है। इसके चलते न सिर्फ शहर की सुंदरता को पलीता लग रहा है, बल्कि हर समय बांस- बल्लियों के सहारे लगी होर्डिंग्स गिरने का डर बना रहता है। इस सबके बावजूद नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
पोल भी नहीं छोड़ते
महानगर के प्रमुख मार्गों पर लगे विद्युत पोल भी होर्डिंग्स से अटे हैं। इनको हटाने के लिए भी नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
महानगर में अवैध होर्डिंग्स नहीं लगे हैं। समय-समय पर अभियान चलाकर होर्डिंग्स हटवाए जाते हैं। अगर कहीं होर्डिंग्स लगे हैं, तो उन्हें हटवाया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम